West Bengal Election 2026: बंगाल चुनाव से पहले हुमायूं कबीर का बड़ा दावा, लक्ष्मी भंडार बढ़ाने और दोनों दलों को हराने की बात

पश्चिम बंगाल 2026 चुनाव से पहले निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने अपनी नई पार्टी 'जनता उन्नयन पार्टी' का बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने दावा किया कि वे सत्ता में आए तो लक्ष्मी भंडार की राशि बढ़ाकर ₹3000 कर देंगे। क्या कबीर का यह वादा ममता बनर्जी के सबसे मजबूत वोटबैंक में सेंध लगा पाएगा?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 31, 2026

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राज्य की राजनीति में बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में नेता हुमायूं कबीर ने एक बड़ा और चौंकाने वाला ऐलान किया है। उन्होंने चुनावी माहौल में न सिर्फ ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोला, बल्कि भारतीय जनता पार्टी पर भी तीखे शब्दों में निशाना साधा। हुमायूं कबीर के इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।

महिलाओं के लिए 3000 रुपये लक्ष्मी भंडार योजना का वादा

हुमायूं कबीर ने ऐलान किया कि पश्चिम बंगाल की महिलाओं को तीन हजार रुपये की लक्ष्मी भंडार योजना दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार महिलाओं के लिए ठोस काम करने में असफल रही है। उनके अनुसार, अगर नई राजनीतिक ताकत को मौका मिलता है, तो महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए यह योजना और अधिक प्रभावी तरीके से लागू की जाएगी। इस वादे को उन्होंने आगामी चुनावों का अहम मुद्दा बताया।

ममता बनर्जी पर सीधा हमला

अपने बयान में हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने बंगाल के लिए कुछ खास नहीं किया है। उन्होंने दावा किया कि अब समय आ गया है कि ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर किया जाए। हुमायूं कबीर ने यह भी कहा कि राज्य की जनता बदलाव चाहती है और मौजूदा सरकार से असंतुष्ट है। उनके मुताबिक, ममता सरकार ने लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकामी दिखाई है।

भाजपा को भी नहीं मिलने देंगे मजबूती

हुमायूं कबीर ने साफ किया कि उनका लक्ष्य सिर्फ टीएमसी को हराना नहीं है, बल्कि भाजपा को भी पश्चिम बंगाल में मजबूत होने से रोकना है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को राज्य में 100 से ज्यादा सीटें नहीं मिलने दी जाएंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि टीएमसी भी 50 से ज्यादा सीटें हासिल नहीं कर पाएगी। उनके अनुसार, इस बार चुनाव में दोनों बड़ी पार्टियों को जनता सबक सिखाएगी।

मुस्लिम वोट बैंक को लेकर बड़ा दावा

हुमायूं कबीर ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में करीब 2.82 करोड़ मुस्लिम वोट हैं, जो चुनाव परिणामों में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि मुस्लिम समुदाय की राजनीतिक एकजुटता इस चुनाव में बड़ा फैक्टर साबित होगी। उनके इस बयान को राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे विपक्षी दलों की चिंताएं बढ़ सकती हैं।

अभिषेक बनर्जी को चुनौती, रैलियों की घोषणा

टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी को लेकर भी हुमायूं कबीर ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी जहां-जहां रैली करेंगे, वे भी वहीं जाकर रैली करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे वैसी भाषा या बयान नहीं देंगे, जैसी प्रधानमंत्री या गृहमंत्री देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्तर के नेताओं ने पहले ही काफी विवादित बातें कही हैं।

असदुद्दीन ओवैसी और ISF को लेकर संकेत

हुमायूं कबीर ने ईद के बाद ब्रिगेड मैदान में एक बड़ी रैली करने की घोषणा की है, जिसमें असदुद्दीन ओवैसी को लेकर भी संकेत दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि ओवैसी के लिए ISF का दरवाजा खुला है। उनके इस बयान से बंगाल की राजनीति में नए गठबंधनों और संभावित राजनीतिक समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है।

बंगाल की राजनीति में नए समीकरणों के संकेत

हुमायूं कबीर के इन बयानों से यह साफ है कि पश्चिम बंगाल का चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय संघर्ष की ओर बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में उनके ये दावे और घोषणाएं चुनावी माहौल को और गर्मा सकती हैं।