West Bengal CM Candidate 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आज 4 मई को देश के सामने आ रहे हैं। शुरुआती रुझानों ने ही राज्य की राजनीतिक दिशा स्पष्ट कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रुझानों में बहुमत के जादुई आंकड़े को पार कर लिया है, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। वहीं, पिछले 15 वर्षों से सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस बार काफी पीछे छूटती नजर आ रही है। यदि ये रुझान अंतिम परिणामों में बदलते हैं, तो बंगाल के इतिहास में पहली बार भाजपा की सरकार बनेगी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही अब गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यह गूंज रहा है कि भाजपा की ओर से बंगाल का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? आइए जानते हैं उन दिग्गजों के बारे में जो इस रेस में सबसे आगे हैं।

सुवेंदु अधिकारी: नंदीग्राम के ‘जायंट किलर’ और सीएम पद के सबसे बड़े दावेदार
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे पहला और मजबूत नाम सुवेंदु अधिकारी का है। सुवेंदु पश्चिम बंगाल भाजपा के ‘फायर ब्रांड’ नेता माने जाते हैं। उन्होंने 2021 के चुनाव में ममता बनर्जी को नंदीग्राम में हराकर अपनी ताकत का लोहा मनवाया था। इस बार वह नंदीग्राम के साथ-साथ ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर से भी चुनाव लड़ रहे हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उन्होंने टीएमसी सरकार को हर मोर्चे पर घेरा है। जमीनी स्तर पर पकड़ और आक्रामक राजनीति के कारण सुवेंदु को मुख्यमंत्री पद के लिए शीर्ष विकल्प माना जा रहा है।

दिलीप घोष: संगठन के खिलाड़ी और भाजपा का पुराना चेहरा
दिलीप घोष पश्चिम बंगाल में भाजपा के उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया है। आरएसएस के प्रचारक से लेकर मेदिनीपुर के सांसद और प्रदेश अध्यक्ष रहने तक, दिलीप घोष ने संगठन को मजबूत करने में मुख्य भूमिका निभाई है। 2016 में खड़गपुर सदर से जीतकर उन्होंने विधानसभा में प्रवेश किया था और इस बार भी वह इसी सीट से उम्मीदवार हैं। उनकी बेबाकी और कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रियता उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी का प्रबल दावेदार बनाती है।

सुकांत मजूमदार: शिक्षित चेहरा और केंद्रीय नेतृत्व के करीबी
डॉ. सुकांत मजूमदार भाजपा के उन चेहरों में से हैं जिन्हें केंद्रीय नेतृत्व का भरपूर समर्थन प्राप्त है। बालुरघाट से लगातार दो बार सांसद और वर्तमान में केंद्रीय राज्य मंत्री मजूमदार ने वनस्पति विज्ञान में पीएचडी की है। उनकी साफ-सुथरी छवि और उत्तर बंगाल में भाजपा के जनाधार को बढ़ाने का श्रेय उन्हें जाता है। प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर उनके कार्यकाल में पार्टी ने महत्वपूर्ण सांगठनिक सफलताएं हासिल की थीं। ऐसे में, एक शिक्षित और शांत छवि वाले नेता के रूप में सुकांत मजूमदार का नाम भी चर्चा में है।

अग्निमित्रा पॉल: फैशन डिजाइनिंग से राजनीति तक का सफल सफर
अग्निमित्रा पॉल बंगाल भाजपा की सबसे प्रमुख महिला नेताओं में से एक हैं। राजनीति में कदम रखने से पहले वह कोलकाता की एक मशहूर फैशन डिजाइनर थीं। वर्तमान में आसनसोल दक्षिण से विधायक अग्निमित्रा ने महिला मोर्चा की कमान संभालते हुए महिलाओं के बीच भाजपा की पैठ मजबूत की है। इस चुनाव में भी वह अपनी सीट से दमदार प्रदर्शन कर रही हैं। यदि भाजपा बंगाल में किसी महिला चेहरे को नेतृत्व सौंपने का विचार करती है, तो अग्निमित्रा पॉल एक महत्वपूर्ण विकल्प साबित हो सकती हैं।

रूपा गांगुली: कला जगत का बड़ा नाम और हिंदुत्व का चेहरा
महाभारत में ‘द्रौपदी’ के किरदार से घर-घर में पहचान बनाने वाली रूपा गांगुली भी इस रेस में शामिल हैं। वह राज्यसभा सांसद और महिला मोर्चा की अध्यक्ष के रूप में सक्रिय रही हैं। भाजपा ने उन्हें सोनारपुर दक्षिण सीट से मैदान में उतारा है। उनकी वाकपटुता और राज्य के सांस्कृतिक मुद्दों पर उनकी पकड़ उन्हें एक विशिष्ट उम्मीदवार बनाती है। यदि पार्टी महिला मुख्यमंत्री के फार्मूले पर आगे बढ़ती है, तो रूपा गांगुली की दावेदारी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
भाजपा आलाकमान का क्या होगा फैसला?
रुझानों में बहुमत मिलने के बाद अब सबकी निगाहें दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पर टिकी हैं। पार्टी का संसदीय बोर्ड और केंद्रीय नेतृत्व यह तय करेगा कि क्या किसी विधायक को कमान सौंपी जाएगी या फिर किसी सांसद को राज्य की जिम्मेदारी दी जाएगी। बंगाल की भौगोलिक और राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए भाजपा एक ऐसे चेहरे का चुनाव करना चाहेगी जो न केवल प्रशासन चला सके, बल्कि आने वाले समय में टीएमसी के प्रभाव को भी पूरी तरह समाप्त कर सके। बंगाल में ‘सोनार बांग्ला’ के सपने को हकीकत में बदलने की जिम्मेदारी अब जल्द ही किसी नए चेहरे के कंधों पर होगी।










