West Bengal CM Candidate 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिली बड़ी जीत के बाद अब राज्य के नए मुख्यमंत्री को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को कोलकाता में होने वाली विधायक दल की बैठक में इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा कि राज्य की कमान किस नेता को सौंपी जाएगी।
इस अहम बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी रहेगी, जो स्वयं कोलकाता पहुंचकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। माना जा रहा है कि यह बैठक राज्य की नई राजनीतिक दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
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विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में होगी बैठक
भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों की यह बैठक कोलकाता के न्यूटाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में शाम चार बजे आयोजित की जाएगी। इसी बैठक में विधायक दल के नेता का चुनाव किया जाएगा, जो आगे चलकर राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में संगठन और केंद्रीय नेतृत्व दोनों की राय के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। अमित शाह की उपस्थिति इस बैठक को और अधिक महत्वपूर्ण बना देती है।
राजनीतिक समीकरणों पर टिकी नजर
मुख्यमंत्री पद के लिए कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं, लेकिन सबसे मजबूत दावेदार के रूप में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। सुवेंदु अधिकारी वही नेता हैं जिन्होंने 2021 के चुनाव में ममता बनर्जी को उनके ही विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में कड़ी चुनौती दी थी। इस बार उनकी पार्टी की जीत में भी उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है, जिससे उनकी दावेदारी और मजबूत हो गई है। हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व की सहमति के बाद ही घोषित किया जाएगा।
शपथ ग्रहण समारोह की भव्य तैयारी
नए मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई, शनिवार को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा और इसे एक भव्य राजनीतिक आयोजन के रूप में देखा जा रहा है। इस विशेष दिन को कविगुरु रवींद्र नाथ टैगोर की जयंती के साथ जोड़कर और भी प्रतीकात्मक महत्व दिया गया है।
राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की मौजूदगी तय
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा शासित राज्यों के लगभग 20 मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति रहने की संभावना है। इसके अलावा कई केंद्रीय मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस आयोजन को भाजपा अपनी बड़ी राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में पेश करने की तैयारी में है, जिससे राज्य में नई सरकार के गठन को राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्व मिलेगा।
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