West Bengal Bulldozer Action : पश्चिम बंगाल में बड़े एक्शन से हलचल, अवैध निर्माण पर चला प्रशासनिक बुलडोजर

पश्चिम बंगाल में अवैध रूप से बनाई गईं कई इमारतों और सरकारी जमीनों पर किए गए कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई शुरू कर दी है; भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चल रहे इस ताबड़तोड़ बुलडोजर एक्शन के पीछे आखिर किस बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक रद्दोबदल की तैयारी है? जानिए पूरा सच!

West Bengal Bulldozer Action

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 24, 2026

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West Bengal Bulldozer Action : पश्चिम बंगाल की वर्तमान शुवेंदु सरकार राज्य में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ पूरी तरह ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाकर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों और सख्त रुख के बाद, राज्य का प्रशासनिक अमला और नगरपालिका प्रशासन पूरे शहर में सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में रविवार की सुबह कोलकाता और उसके आसपास के शहरी इलाकों में अवैध निर्माणों के खिलाफ एक बहुत बड़ी और सामूहिक बुलडोजर की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

नगरपालिका की टीमों ने शहर के बेलेघाटा, तिलजला और कस्बा जैसे प्रमुख व संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध रूप से खड़ी की गई इमारतों को ध्वस्त करने का एक व्यापक और आक्रामक अभियान शुरू किया है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति या विरोध से निपटने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाकों को चारों तरफ से घेर लिया था, जिसके बाद तोड़-फोड़ की कार्रवाई को निर्बाध रूप से शुरू किया गया।

तिलजला में अग्निकांड की त्रासदी के बाद जागा प्रशासन

रविवार की सुबह तड़के ही बुलडोजर और नगरपालिका के दस्ते तिलजला के वार्ड नंबर 66 के अंतर्गत आने वाले इलाकों में पहुंच गए। गौरतलब है कि यह क्षेत्र स्थानीय पार्षद फैयाज अहमद खान और उनके बेटे के राजनीतिक प्रभाव वाला माना जाता है। हाल ही में तिलजला इलाके के एक अवैध कारखाने में लगी भीषण और दुखद आग में दो बेकसूर लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी, जिसने पूरे राज्य प्रशासन और शासन व्यवस्था को हिलाकर रख दिया था।

इस दर्दनाक हादसे से सबक लेते हुए नगरपालिका ने उन सभी अवैध कारखानों, वाणिज्यिक गोदामों और अवैध निर्माणों के खिलाफ यह दंडात्मक कार्रवाई शुरू की है, जो फायर सेफ्टी (आग सुरक्षा नियमों) का सरेआम उल्लंघन कर रहे थे। सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर घनी आबादी के बीच बनाए गए इन गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन को गिराने के लिए पुलिस की भारी मौजूदगी में क्रेन और बुलडोजर चलाए जा रहे हैं।

तृणमूल नेता राजू नस्कर के अवैध घर पर चला बुलडोजर

नगरपालिका की तोड़-फोड़ करने वाली टीम ने बेलेघाटा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ईस्ट कुरिया रोड पर एक निर्माणाधीन बहुमंजिला मकान को जमींदोज करने की बड़ी मुहिम शुरू की। जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि यह आलीशान और अवैध रूप से बन रहा घर इलाके के एक बेहद रसूखदार और ताकतवर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता राजू नस्कर का है। प्रशासनिक नियमों के तहत, नगरपालिका ने इसी महीने की 21 तारीख को इस अवैध निर्माण के मुख्य द्वार पर एक आधिकारिक कानूनी नोटिस चस्पा किया था।

इस नोटिस के जरिए नेता राजू नस्कर से अगले 48 घंटे के भीतर इस पूरी बिल्डिंग के वैध दस्तावेज और नक्शे से जुड़ी सटीक जानकारियां मांगी गई थीं। तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी नेता की तरफ से कोई वैधानिक जवाब या स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर, नगरपालिका की तोड़-फोड़ करने वाली विशेष टीम भारी मशीनरी के साथ मौके पर पहुंच गई। शुरुआत में कड़े कंक्रीट को तोड़ने के लिए बड़े हथौड़ों और स्लेजहैमर का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद इस पूरी गैर-कानूनी तीन मंजिला इमारत को ढहाने के लिए बुलडोजर लगा दिया गया।

कस्बा के सोना पप्पुर में जमीन घोटाले की पांच मंजिला इमारत पर बड़ी कार्रवाई

दूसरी ओर, कस्बा के अंतर्गत आने वाले सोना पप्पुर इलाके में भी प्रशासनिक हलचल बेहद तेज रही। यहाँ एक बड़े और संगठित जमीन घोटाले के तहत बनाई गई एक पांच मंजिला अवैध इमारत को ढहाने के लिए बुलडोजर लगातार गर्जते रहे। बिना किसी पुख्ता सरकारी अनुमति और नक्शे के इतनी ऊंची पांच मंजिला इमारत का निर्माण आखिर कैसे और किसकी शह पर पूरा हो गया, यह जांच का विषय बना हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य की नगर मंत्री अग्निमित्र पाल स्वयं जमीनी हकीकत का जायजा लेने के लिए घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने मौके पर मौजूद कोलकाता नगरपालिका के उच्च अधिकारियों, फॉरेंसिक टीम और पुलिस कमिश्नर से इस पूरे घोटाले को लेकर विस्तृत बातचीत की और इस अवैध निर्माण के पीछे शामिल बड़े चेहरों की जानकारी ली।

नगर मंत्री अग्निमित्र पाल ने पिछली सरकार को घेरा

घटनास्थल पर मीडिया से मुखातिब होते हुए नगर मंत्री अग्निमित्र पाल ने विपक्ष पर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल में पिछली सरकार के पूरे कार्यकाल के दौरान एक के बाद एक कई बड़े संगठित भ्रष्टाचार और जमीन घोटाले हुए हैं। पूर्ववर्ती नगर पालिका प्रशासन और उसकी भ्रष्ट निगरानी के चलते ही पूरे शहर में ऐसे जानलेवा अवैध निर्माणों की बाढ़ आई। बड़े-बड़े रसूखदार नेताओं की राजनीतिक छत्रछाया में भारी मात्रा में पैसों के अवैध लेनदेन के बदले इन गैर-कानूनी कामों को अंजाम दिया गया, जिसके कारण हमारी ईमानदार पुलिस चाहकर भी पूर्व में कुछ नहीं कर पा रही थी। लेकिन अब वक्त बदल चुका है।

अवैध रूप से सरकारी जमीनों पर कब्जा कर निर्माण करने वाले भूमाफिया और इस बड़ी वित्तीय अनियमितता का परोक्ष रूप से समर्थन करने वाले सभी रसूखदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” इसके साथ ही नगर मंत्री अग्निमित्र पाल ने मौके पर मुस्तैद नगरपालिका की टीम को कड़े शब्दों में यह चेतावनी भी दी कि इन अवैध और कमजोर घरों को गिराते समय पूरी सावधानी बरती जाए, ताकि आस-पास बने किसी भी बेकसूर नागरिक के वैध आशियाने को कोई नुकसान न पहुंचे।

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