WB Assembly Elections Survey 2026: बंगाल चुनाव से पहले आए ओपिनियन पोल ने बढ़ाई धड़कनें, जानिए किसे मिल रही हैं कितनी सीटें

पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले आए ओपिनियन पोल के मुताबिक, ममता बनर्जी की टीएमसी 174 से 184 सीटें जीतकर एक बार फिर सत्ता में वापसी कर सकती है। हालांकि, बीजेपी की ताकत भी बढ़ती दिख रही है और उसे 108 से 118 सीटें मिलने का अनुमान है। इस पोल ने बंगाल में कड़ी टक्कर की ओर इशारा किया है।

WB Assembly Elections Survey 2026:

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 3, 2026

WB Assembly Elections Survey 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़े राज्य में आए एक नए और ताजा ओपिनियन पोल में बेहद दिलचस्प और मिली-जुली राजनीतिक तस्वीर उभरकर सामने आई है। इस चुनावी सर्वे के नवीनतम अनुमानों के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) एक बार फिर सत्ता के सिंहासन पर काबिज होती दिख रही है, लेकिन उसकी झोली में आने वाली सीटों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा सकती है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में पहले के मुकाबले कहीं अधिक मजबूत और आक्रामक होकर उभरती नजर आ रही है।

टीएमसी को स्पष्ट बहुमत

एक ताजा ओपिनियन पोल के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की कुल 294 सदस्यीय विधानसभा में ममता बनर्जी की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी को 174 से 184 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। चूंकि राज्य में सरकार बनाने के लिए जादुई बहुमत का आंकड़ा 148 है, इसलिए आंकड़े बताते हैं कि टीएमसी बिना किसी अड़चन के आराम से अपनी सरकार बना लेगी। अगर चुनावी नतीजे भी इसी पोल के अनुरूप रहते हैं, तो यह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का लगातार चौथा कार्यकाल (Fourth Term) होगा, भले ही उनकी पार्टी की सीटें पहले की तुलना में कुछ कम हो जाएं।

‘कमल’ का बढ़ता ग्राफ

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, इस नए सर्वे में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदर्शन में जोरदार सुधार देखा गया है। पोल के अनुसार, भगवा दल को इस बार 108 से 118 सीटें हासिल हो सकती हैं, जो कि एजेंसी के पिछले अनुमानों से काफी ज्यादा हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि बीजेपी इस बार सदन में बेहद शक्तिशाली और मजबूत विपक्ष (Strong Opposition) की भूमिका में नजर आ सकती है। वहीं, कभी बंगाल पर राज करने वाले वामपंथी दलों (Left Front) और कांग्रेस का सूपड़ा साफ होता दिख रहा है, जिन्हें गठबंधन के तौर पर महज 0 से 4 सीटें मिलने का ही अनुमान है। बता दें कि 23 मार्च के पिछले सर्वे में टीएमसी को 184 से 194 सीटें और बीजेपी को 98 से 108 सीटें मिलने की बात कही गई थी।

पिछले चुनाव के परिणाम बनाम नया सर्वे

वहीं, अगर हम साल 2021 के पिछले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से आज के ताजा आंकड़ों की तुलना करें, तो उस समय टीएमसी ने प्रचंड बहुमत के साथ 215 सीटें जीती थी, जबकि बीजेपी को 77 सीटों पर संतोष करना पड़ा था। नए आंकड़े साफ गवाही दे रहे हैं कि बीजेपी इस बार अपनी सीटों में भारी इजाफा करने जा रही है।

भौगोलिक आधार पर देखें तो हाई-प्रोफाइल क्षेत्र मिदनापुर में दोनों पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला हो सकता है, जहां बीजेपी को हल्की बढ़त मिलती दिख रही है। वहीं प्रेसिडेंसी और मालदा जैसे परंपरागत गढ़ों में टीएमसी की पकड़ आज भी बेहद मजबूत बनी हुई है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री पद की रेस में ममता बनर्जी 46.4% रेटिंग के साथ अभी भी बंगाल की सबसे चहेती नेता हैं, जबकि बीजेपी के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी को 34.9% लोगों का समर्थन हासिल है।

जनता के सबसे बड़े मुद्दे

एग्जिट पोल जैसे सर्वे में यह भी खुलकर सामने आया है कि बंगाल की जनता के लिए इस बार सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा ‘रोजगार और आर्थिक विकास’ है, जिसे सबसे ज्यादा 35.1% लोगों ने अपनी पहली प्राथमिकता बताया। इसके अलावा राज्य की कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और बेकाबू महंगाई भी जनता की प्रमुख चिंताएं हैं। दिलचस्प बात यह है कि करीब 53.6% लोगों का मानना है कि युवाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई गई योजनाएं बेरोजगारी कम करने में पूरी तरह सफल नहीं रही हैं। वोट बैंक की बात करें तो मुस्लिम समुदाय पूरी तरह से टीएमसी के पाले में खड़ा है, जबकि अनुसूचित जाति-जनजाति (SC-ST) और सामान्य वर्ग के हिंदू मतदाताओं का बड़ा झुकाव बीजेपी की तरफ देखा जा रहा है।