SIR Controversy: चिराग पासवान का बड़ा बयान, बोले- चुनाव आयोग मजबूती से रखे अपना पक्ष

SIR विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने चुनाव आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को मजबूती से अपना पक्ष रखना चाहिए। चिराग ने कहा कि जनता का भरोसा चुनावी प्रक्रिया में बना रहना जरूरी है।

SIR Controversy

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 25, 2026

SIR Controversy  : Special Intensive Revision यानी SIR प्रक्रिया को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की प्रतिक्रिया सामने आई है। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर उठ रहे सवालों पर चिराग पासवान ने कहा कि वह सरकार का हिस्सा होने के बावजूद चुनाव आयोग का बचाव नहीं करेंगे। उन्होंने चुनाव आयोग को एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था बताया और कहा कि उसके कामकाज से जुड़े सवालों का जवाब आयोग को स्वयं देना चाहिए।

चुनाव आयोग स्वतंत्र संवैधानिक संस्था: चिराग

चिराग पासवान ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और सरकार का हिस्सा होने के नाते वह किसी व्यक्ति या संस्था का बचाव करने की स्थिति में नहीं हैं। उनके मुताबिक यदि चुनाव आयोग के ऊपर सवाल उठ रहे हैं, तो इन सवालों का जवाब देने और अपनी स्थिति स्पष्ट करने की जिम्मेदारी भी आयोग की है। उन्होंने विशेष रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त यानी CEC की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

CEC को अपनी बात मजबूती से रखनी चाहिए

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग को अपने पक्ष और अपनी कार्यप्रणाली से जुड़े तथ्यों को मजबूती से जनता के सामने रखना चाहिए। उनके अनुसार, यदि किसी संवैधानिक संस्था के कामकाज को लेकर लोगों के बीच सवाल पैदा होते हैं, तो संबंधित संस्था की जिम्मेदारी बनती है कि वह स्थिति को स्पष्ट करे। उन्होंने कहा कि इससे सार्वजनिक स्तर पर उठने वाले संदेहों को दूर करने में मदद मिल सकती है।

चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखना जरूरी

चिराग पासवान ने चुनावी प्रक्रिया में जनता के विश्वास को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि चुनाव को लेकर किसी तरह का संदेह पैदा होना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता महत्वपूर्ण होती है। इसलिए चुनाव आयोग को अपनी प्रक्रियाओं और फैसलों के बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि मतदाताओं के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति न बने।

राहुल गांधी या विपक्ष को जवाब देना मकसद नहीं

कांग्रेस और विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग को लेकर लगातार उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में चिराग पासवान ने कहा कि आयोग की जिम्मेदारी किसी राजनीतिक नेता को जवाब देना नहीं है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि आम जनता के मन में चुनावी प्रक्रिया को लेकर किसी प्रकार का संदेह न रहे। उनके मुताबिक आयोग को जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

SIR को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर

दूसरी ओर, SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। बिहार के नेता तेजस्वी यादव ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी शुक्रवार को बिहार के विभिन्न हिस्सों में चुनाव आयोग का पुतला दहन करेगी। साथ ही उन्होंने बिहार समेत पांच राज्यों में होने वाले चुनावों को रद्द करने की मांग भी रखी।

तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर लगाए आरोप

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार चुनाव आयोग का इस्तेमाल लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए कर रही है। उन्होंने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाले दो चुनाव आयुक्तों की भूमिका को लेकर भी प्रश्न खड़े किए। हालांकि, ये आरोप तेजस्वी यादव और विपक्षी दलों के राजनीतिक दावों के रूप में हैं।

पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग

विपक्ष की ओर से SIR प्रक्रिया, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की मांग की जा रही है। वहीं, चिराग पासवान ने भी अलग संदर्भ में आयोग से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की जरूरत बताई है। ऐसे में SIR को लेकर राजनीतिक बहस के बीच चुनाव आयोग की ओर से सामने आने वाली आधिकारिक प्रतिक्रियाओं पर नजर बनी हुई है।

SIR विवाद में आगे क्या होगा

SIR प्रक्रिया को लेकर सरकार, विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच बयानबाजी लगातार जारी है। चिराग पासवान के बयान के बाद अब चुनाव आयोग की ओर से उठ रहे सवालों पर आगे क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल विवाद के केंद्र में मतदाता सूची में संशोधन, चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और संवैधानिक संस्था के प्रति जनता के विश्वास जैसे मुद्दे बने हुए हैं।

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