कानपुर नगर की 10 विधानसभा सीटों में घाटमपुर की अपनी खास राजनीतिक पहचान है
घाटमपुर सीट का चुनावी सफर पहले दो-सदस्यीय सीट से शुरू हुआ था
2002 में समाजवादी पार्टी ने राकेश सचान के जरिए पहली बार यहां जीत दर्ज की
2007 में बसपा के रामप्रकाश कुशवाहा ने सपा के उम्मीदवार को हराकर सीट पर कब्जा किया
2012 में परिसीमन के बाद घाटमपुर सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुई
2017 में भाजपा की कमल रानी वरुण ने रिकॉर्ड अंतर से पहली बार जीत हासिल की
2020 में कमल रानी वरुण के निधन के बाद उपचुनाव में भाजपा ने सीट पर कब्जा किया
2022 में अपना दल (एस) की सरोज कुरील ने पहली बार घाटमपुर में जीत का परचम लहराया
2027 में NDA के सामने सीट बचाने की चुनौती, जबकि सपा-बसपा-कांग्रेस वापसी की कोशिश में रहेंगी
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