परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 22 सितंबर 2026 को है और इसका पारण 23 सितंबर को किया जाएगा

पंचांग के अनुसार व्रत खोलने का समय सुबह 6:10 बजे से 8:35 बजे तक निर्धारित है

एकादशी व्रत का पारण हमेशा द्वादशी तिथि के भीतर और सूर्योदय के बाद ही किया जाना चाहिए

इस बात का विशेष ध्यान रखें कि 'हरि वासर' की अवधि के दौरान भूलकर भी व्रत न खोलें

पारण के दिन सुबह भगवान विष्णु की पूजा के बाद तुलसी दल या तुलसी चरणामृत ग्रहण करके ही व्रत खोलें

व्रत समाप्त करते समय बहुत भारी या तला-भुना खाने के बजाय हल्के और सात्विक भोजन का सेवन करें

पारण के दिन मांस, मदिरा और अत्यधिक मसालेदार तामसिक भोजन से पूरी तरह परहेज रखें

चातुर्मास की इस एकादशी को भगवान विष्णु के शयन काल में करवट बदलने से जोड़ा जाता है

इस दिन भगवान विष्णु को एकाक्षी नारियल अर्पित कर पीले वस्त्र में लपेटकर तिजोरी में रखने से धन-समृद्धि बढ़ती है