विजयादशमी यानी दशहरा का पावन पर्व 20 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा
इस दिन विजय मुहूर्त दोपहर 01:59 बजे से 02:45 बजे तक और अपराह्न पूजा का समय 01:14 बजे से 03:30 बजे तक रहेगा
दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे शुरू होगी और 21 अक्टूबर को दोपहर 02:11 बजे समाप्त होगी
दशहरा वर्ष के साढ़े तीन अबूझ मुहूर्तों में से एक है; इस दिन बिना मुहूर्त देखे किसी भी नए काम की शुरुआत की जा सकती है
पूजा स्थान पर भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान जी और मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजन करें
देवी-देवताओं को रोली, चंदन, अक्षत, ताजे फूल और नैवेद्य अर्पित करने के बाद हवन और आरती करें
पूजन स्थल पर चंदन से अष्टदल चक्र बनाएं और 'अपराजिताय नमः' मंत्र से मां अपराजिता का आह्वान कर परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें
अष्टदल चक्र की दाईं ओर मां जया का 'क्रियाशक्त्यै नमः' और बाईं ओर मां विजया का 'उमायै नमः' मंत्र से आह्वान करें।
दोपहर में शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना संपन्न करने के बाद शाम को पारंपरिक रूप से रावण दहन का आयोजन किया जाता है