WeatherNext 3: मौसम की हर चाल पर AI की नजर, Google ने उतारा WeatherNext 3 मॉडल

Google ने WeatherNext 3 लॉन्च कर मौसम की भविष्यवाणी को नई दिशा देने का दावा किया है। यह AI मॉडल लाइव सैटेलाइट डेटा से हर घंटे नया पूर्वानुमान तैयार कर सकता है। बारिश, तेज हवाओं और ऊर्जा उत्पादन से जुड़े अनुमान में इसकी भूमिका अहम हो सकती है। आखिर WeatherNext 3 कितना सटीक है?

Google ने उतारा WeatherNext 3 मॉडल

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

सितम्बर 4, 2026

WeatherNext 3: मौसम का मिजाज कब जाए, इसका अनुमान लगाना अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है। कुछ किलोमीटर की दूरी पर तापमान में अंतर से लेकर अचानक होने वाली बारिश और तेज हवाओं तक, मौसम में छोटे बदलाव भी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में समय रहते मौसम की जानकारी मिलना खेती, ऊर्जा उत्पादन, यात्रा और खराब मौसम से निपटने की तैयारियों के लिए बेहद जरूरी हो जाता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Google ने अपना नया AI मॉडल WeatherNext 3 पेश किया है।

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Google का अब तक का एडवांस ग्लोबल वेदर AI मॉडल

Google DeepMind और Google Research ने 3 सितंबर को WeatherNext 3 लॉन्च किया। कंपनी के अनुसार, यह उसका अब तक का सबसे एडवांस ग्लोबल वेदर AI मॉडल है। इसकी खासियत यह है कि यह लाइव जियोस्टेशनरी सैटेलाइट डेटा का इस्तेमाल करके हर घंटे नया मौसम पूर्वानुमान तैयार कर सकता है। Google का दावा है कि नया मॉडल पुराने सिस्टम की तुलना में अधिक तेज और बेहतर रिजॉल्यूशन के साथ मौसम की तस्वीर पेश करता है। इससे खासतौर पर तेजी से बदलने वाली मौसमी परिस्थितियों को समझने और उनका पूर्वानुमान लगाने में मदद मिल सकती है।

WeatherNext 2 के मुकाबले कितना बदला?

पिछले मॉडल WeatherNext 2 में करीब 25 किलोमीटर के ग्रिड पर हर छह घंटे में मौसम का पूर्वानुमान तैयार किया जाता था। इसके मुकाबले WeatherNext 3 प्रमुख सतह आधारित मौसम संबंधी डेटा को 5 किलोमीटर तक के रिजॉल्यूशन में दिखाता है। वहीं अन्य सतही डेटा के लिए 10 किलोमीटर और वायुमंडलीय डेटा के लिए 25 किलोमीटर रिजॉल्यूशन का इस्तेमाल किया जाता है। Google के मुताबिक, इस बदलाव से ग्लोबल मौसम की तस्वीर पहले के मुकाबले करीब पांच गुना ज्यादा स्पष्ट हो जाती है।

बारिश का पूर्वानुमान होगा ज्यादा बेहतर

WeatherNext 3 को विशेष रूप से बारिश जैसी तेजी से बदलने वाली मौसमी घटनाओं को समझने के लिए तैयार किया गया है। इसके प्रशिक्षण में NASA के IMERG और सैटेलाइट रडार से मिले ग्लोबल प्रिसिपिटेशन डेटा का इस्तेमाल किया गया है।

दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, मध्यम अवधि के मौसम पूर्वानुमान में मॉडल ने IMERG की तुलना में 60 प्रतिशत तक बेहतर परिणाम दिखाए हैं। वहीं MRMS के मुकाबले इसमें 30 प्रतिशत तक सुधार दर्ज किया गया। शुरुआती अवधि के पूर्वानुमानों में रेन गेज डेटा की तुलना में भी इसके प्रदर्शन में करीब 10 प्रतिशत तक सुधार बताया गया है।

Solar और Wind Energy के लिए भी उपयोगी

WeatherNext 3 का इस्तेमाल केवल बारिश या तापमान का अनुमान लगाने तक सीमित नहीं रहेगा। यह 100 मीटर की ऊंचाई पर हवा की गति का अनुमान लगाकर विंड एनर्जी उत्पादन की संभावित क्षमता समझने में मदद कर सकता है। इसके अलावा मॉडल हाई-रिजॉल्यूशन क्लाउड कवर और सूर्य की किरणों के स्तर का पूर्वानुमान भी उपलब्ध कराता है। इससे सोलर फार्म संचालकों को संभावित बिजली उत्पादन का बेहतर अनुमान लगाने में मदद मिल सकती है।

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Google के कई प्लेटफॉर्म पर आएगा इस्तेमाल

Google WeatherNext 3 को Search, Gemini ऐप, Google Maps, Google Maps Platform Weather API और Google Earth Engine जैसे प्लेटफॉर्म्स में इस्तेमाल कर रहा है। डेवलपर्स, रिसर्चर्स और बिजनेस यूजर्स के लिए मौसम से जुड़े डेटा को BigQuery, Earth Engine और Google Cloud Storage के माध्यम से भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

Google के अनुसार, यह तकनीक लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और एशिया-प्रशांत जैसे क्षेत्रों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है, जहां बेहतर और समय पर मौसम पूर्वानुमान खेती, ऊर्जा और आपदा प्रबंधन में अहम भूमिका निभा सकता है।