Weather Update: उत्तर प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून ने अपनी दस्तक दे दी है, जिससे राज्य का मौसम पूरी तरह बदल गया है। भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे लोगों को अब राहत की सांस मिली है। मानसून की सक्रियता के साथ ही प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में काले घने बादलों का डेरा है, और ठंडी हवाओं ने वातावरण को सुखद बना दिया है।
मानसून की स्थिति और मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के आने में इस वर्ष थोड़ी देरी जरूर हुई, लेकिन अब यह पूरे राज्य में सक्रिय हो गया है। गुरुवार से ही राज्य के अधिकांश इलाकों में झमाझम बारिश और तेज आंधी-तूफान का दौर शुरू हो गया है। आसमान में घने बादलों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे सूरज की तपिश से छुटकारा मिला है। आने वाले 4-5 दिनों तक राज्य में बारिश का यह सिलसिला जारी रहने का अनुमान है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
45 जिलों में अलर्ट और संभावित जोखिम
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 45 जिलों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। अगले 48 घंटों के लिए विशेष चेतावनी दी गई है, जिसमें तेज हवाओं के साथ वज्रपात (आकाशीय बिजली) की प्रबल संभावना है।
विभाग ने जिन प्रमुख जिलों के लिए चेतावनी जारी की है, उनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
आंधी-तूफान और वज्रपात की आशंका वाले जिले: गाजीपुर, कन्नौज, वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, प्रतापगढ़ और प्रयागराज।
भारी बारिश वाले क्षेत्र: रामपुर, बरेली, संभल, मुरादाबाद, अमरोहा और झांसी।
प्रशासन ने बदलते मौसम को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने और खराब मौसम के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने के निर्देश दिए गए हैं।
आकाशीय बिजली का कहर और जान-माल का नुकसान
मानसून की खुशियों के बीच, आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जौनपुर, सुल्तानपुर और बलिया जैसे जिलों में बिजली गिरने से दुखद घटनाओं की सूचना मिली है। सुल्तानपुर में धान की रोपाई कर रहे ग्रामीणों पर बिजली गिरने से मौतों और लोगों के झुलसने की खबरें हैं। वहीं, बलिया में भी इसी तरह की प्राकृतिक आपदा ने कई लोगों की जान ले ली है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रहा है, लेकिन यह घटनाएं आमजन के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं।
उत्तराखंड का हाल
पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। नैनीताल और बागेश्वर जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। भारी बारिश के चलते पहाड़ी रास्तों पर मलबा गिरने की घटनाएं हो रही हैं, जिससे बदरीनाथ और केदारनाथ यात्रा मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है।
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