Weather Update: उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। बुधवार को राज्य के कई हिस्सों में मानसून के विस्तार के बाद, गुरुवार को नोएडा और गाजियाबाद सहित दिल्ली-एनसीआर के क्षेत्रों में सुबह से ही घने बादलों ने डेरा जमा लिया और तेज बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। आसमान में छाए बादलों के कारण सुबह ही शाम जैसा अंधेरा छा गया।
Weather Update: गर्मी से मिलेगी राहत! दिल्ली-NCR में इस दिन दस्तक देगा मानसून
मानसून का विस्तार और बारिश का हाल
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा अब मिर्जापुर, आजमगढ़, अयोध्या, बदायूं और मेरठ तक पहुंच चुकी है। अगले दो दिनों में लखनऊ समेत शेष यूपी में भी मानसून की स्थिति और अधिक अनुकूल होने की उम्मीद है। मानसून की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बहराइच में 113 मिमी, बिजनौर में 95 मिमी और ललितपुर में 93 मिमी तक बारिश दर्ज की गई है। बुलंदशहर और सोनभद्र में भी अच्छी वर्षा हुई है, जिससे स्थानीय निवासियों को तपती गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
जून में रही बारिश की कमी
यद्यपि मानसून ने प्रदेश में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है, लेकिन यह सामान्य समय से 12 दिन देरी से पहुंचा है। जून के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति चिंताजनक रही है। 1 जून से 30 जून के बीच राज्य के लगभग 85% हिस्सों में बारिश सामान्य से काफी कम रही है। IMD के आंकड़ों के मुताबिक, जून में राज्य में औसत बारिश 43.9 मिमी दर्ज की गई, जो सामान्य (95.9 मिमी) से 54% कम है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश ने बताया कि पूर्वी यूपी में 58% और पश्चिमी यूपी में 47% तक बारिश की कमी दर्ज की गई है। राज्य के 75 जिलों में से केवल 11 में सामान्य बारिश हुई है, जबकि 63 जिलों में बारिश की कमी का सामना करना पड़ा है। अब मौसम विभाग को उम्मीद है कि जुलाई की सक्रिय बारिश जून के इस सूखे की भरपाई कर देगी।
पूरे राज्य के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी
IMD ने उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में भारी बारिश, आंधी और वज्रपात की चेतावनी जारी करते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया है। इसमें सहारनपुर, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, बरेली, लखनऊ, गोरखपुर और वाराणसी समेत राज्य के अधिकांश बड़े जिले शामिल हैं।
सावधानी: मौसम विभाग ने दोपहर और शाम के समय गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा की चेतावनी दी है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे आंधी-तूफान के दौरान पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
आने वाले हफ्तों में निरंतर बारिश होना न केवल फसलों के लिए आवश्यक है, बल्कि प्रदेश के गिरते भूजल स्तर के लिए भी जीवनदान साबित होगी। फिलहाल, बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर हो रही बारिश ने प्रदेश का तापमान सामान्य स्तर पर ला दिया है, जिससे जनजीवन में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
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