Weather Update: पूरे भारत में मानसून एक बार फिर अत्यंत सक्रिय हो गया है, जिससे कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले सात दिनों तक देश के विभिन्न हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इस मौसमी बदलाव के कारण न केवल मैदानी इलाकों में जलभराव का खतरा है, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslide) की आशंका भी बढ़ गई है।
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इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और इससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर एक ‘सुस्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र’ (Well-marked low-pressure area) बना हुआ है। इसके प्रभाव से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियों में भारी तेजी आएगी।
जिन प्रमुख राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें ओडिशा, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, झारखंड, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश शामिल हैं। विभाग ने ओडिशा में कुछ स्थानों पर ‘अत्यंत भारी बारिश’ की चेतावनी दी है।
पहाड़ी इलाकों के लिए विशेष चेतावनी
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों के लिए स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और कश्मीर घाटी में लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना है। भारी बारिश के चलते पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन होने का खतरा बना हुआ है, जिससे यातायात बाधित हो सकता है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है।
दिल्ली-एनसीआर और आसपास का हाल
राजधानी दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के लोगों के लिए मौसम का मिजाज मिला-जुला रहने वाला है। हालांकि यहां मूसलाधार बारिश की संभावना कम है, लेकिन आगामी दिनों में छिटपुट से लेकर हल्की-मध्यम बारिश होती रहेगी। इन क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी अभी भी लोगों को परेशान कर सकती है, लेकिन बीच-बीच में होने वाली बारिश थोड़ी राहत जरूर देगी।
प्रशासनिक तैयारी और जन-सावधानी
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए संबंधित राज्यों के प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में अगले एक सप्ताह तक जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे निपटने के लिए स्थानीय निकायों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों को अपनी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी गई है। साथ ही, आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करना अनिवार्य हो, तो मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही निकलें। मानसून का यह दौर प्रकृति की अद्भुत शक्ति का प्रदर्शन है, लेकिन सुरक्षा के साथ ही इसका सामना करना समझदारी है। सतर्क रहें और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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