Weather Today: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न वायुदाब क्षेत्र के प्रभाव से राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण उमस और गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए यह राहत भरी खबर है। मौसम विभाग ने आज, 17 जुलाई 2026, लखनऊ और वाराणसी सहित प्रदेश के 35 से अधिक जिलों के लिए बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
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मानसून की सक्रियता और तापमान में गिरावट
बंगाल की खाड़ी से आया यह मौसमी सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है, जिसके कारण मानसूनी ट्रफ लाइन पुनः सक्रिय हो गई है। इसका सीधा असर गुरुवार दोपहर बाद से ही दिखने लगा था, जब राज्य के कई हिस्सों में बादल छा गए और छिटपुट बारिश हुई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस सक्रियता के कारण शुक्रवार से राज्य भर में बारिश के दायरे और तीव्रता में व्यापक वृद्धि होगी। तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के लिए अलग-अलग अलर्ट जारी किए हैं:
भारी बारिश का अलर्ट: मीरजापुर, सोनभद्र और चंदौली जैसे जिलों में मेघ गर्जन और बिजली कड़कने के साथ भारी बारिश की विशेष चेतावनी दी गई है।
प्रमुख जिले जहां बारिश होगी: सीतापुर, बाराबंकी, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, अयोध्या, प्रतापगढ़, प्रयागराज, कौशांबी, चित्रकूट, फतेहपुर, बांदा, कानपुर, हरदोई, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, कुशीनगर, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, संत कबीर नगर, संत रविदास नगर, वाराणसी और चंदौली में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश: मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर के साथ-साथ आगरा, मथुरा, अलीगढ़ और मैनपुरी के कुछ इलाकों में भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
सावधानी की सलाह
मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार, बारिश के दौरान तेज हवाएं चलने और वज्रपात (बिजली गिरने) की भी संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों को विशेष रूप से खुले स्थानों में रहने के दौरान सावधानी बरतने और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है। अगले 4 से 5 दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने का पूर्वानुमान है, जो कृषि और सामान्य जनजीवन के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होंगी।
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