Weather Today : 14 राज्यों में 12 घंटे भीतर भारी बारिश, 75 किमी रफ्तार हवा का IMD अलर्ट

देशभर में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग ने अगले 12 घंटों के भीतर 14 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। जानिए किन राज्यों पर सबसे ज्यादा खतरा मंडरा रहा है।

Weather Today

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 13, 2026

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Weather Today : 13 जुलाई 2026 को जारी मौसम विभाग (IMD) की रिपोर्ट के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ नजर आ रहा है। उत्तर भारत के जिन राज्यों में दो दिन पहले तक भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर रखा था, वहां अब मानसून की रफ्तार कुछ धीमी पड़ती दिख रही है। हालांकि, देश के 14 राज्यों में अभी भी आंधी-तूफान और भारी बारिश का अलर्ट जारी है।

मौसम विभाग ने अगले 12 घंटों के भीतर 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। मानसून की वर्तमान स्थिति को देखें तो यह रेखा हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लेकर मणिपुर तक फैली हुई है। इसके अलावा, उत्तरी बांग्लादेश के पास बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और बिहार में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना बनी हुई है।

मछुआरों के लिए अलर्ट और अरब सागर की स्थिति

मौसम विभाग ने समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। मध्य-पूर्वी अरब सागर के कुछ हिस्सों में 15 जुलाई तक 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इन प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों को समुद्र के भीतर न जाने और अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। साथ ही, IMD ने आने वाले 6-7 दिनों के लिए उत्तर-पश्चिम, पश्चिम-मध्य और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में मानसून के कमजोर रहने का पूर्वानुमान लगाया है, जिससे इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों में कमी दर्ज की जाएगी।

दिल्ली-एनसीआर: बारिश के लिए अभी करना होगा लंबा इंतजार

राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों (NCR) के लोगों को फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। अगले 4 दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में बारिश होने के कोई आसार नहीं हैं। 17 जुलाई से मौसम में आंशिक बदलाव की संभावना है, जिस दिन हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। 18 और 19 जुलाई को आसमान में बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश की संभावना बनी रहेगी। दिल्ली वासियों को झमाझम बारिश के लिए 20 जुलाई तक का इंतजार करना पड़ सकता है। इस दौरान उमस और गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।

उत्तर प्रदेश और बिहार का हाल: आंधी-तूफान और वर्षा का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है, जबकि उत्तर-पूर्वी इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। संभल, एटा, हाथरस और फिरोजाबाद जैसे जिलों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। वहीं, पीलीभीत और गौतमबुद्ध नगर में बारिश की कमी बनी रह सकती है। दूसरी ओर बिहार के लिए मौसम विभाग ने विस्तृत अलर्ट जारी किया है। पटना, मुंगेर, भागलपुर, किशनगंज और दरभंगा सहित कई जिलों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

उत्तराखंड: भारी बारिश को लेकर जारी ‘रेड अलर्ट’

पहाड़ी राज्यों में मौसम की मार सबसे ज्यादा देखी जा रही है। उत्तराखंड में मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश को देखते हुए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। शिमला, मंडी, मनाली और रोहड़ू जैसे क्षेत्रों में प्रशासन को पूरी तरह से मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य में पिछले 3 दिनों से स्यानाचट्टी में भूस्खलन के कारण यमुनोत्री राजमार्ग बाधित है, जिसे बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

राजस्थान: मानसून की सुस्ती और गर्मी का प्रकोप

राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक मानसून के कमजोर रहने की संभावना है। जोधपुर और बीकानेर संभाग के इलाकों में मौसम शुष्क बना रहेगा, जिससे तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है। हालांकि, एक कमजोर मौसमी प्रणाली के प्रभाव से 14 और 15 जुलाई को बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश हो सकती है। जयपुर और भरतपुर संभाग में भी हल्की बारिश की उम्मीद है, लेकिन कुल मिलाकर राज्य में उमस भरी गर्मी का असर बरकरार रहेगा।

ओडिशा और पश्चिम बंगाल: चक्रवाती गतिविधियों का असर

ओडिशा में अगले 4 दिनों तक बिजली कड़कने और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है। बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा और संबलपुर जैसे 12 जिलों के लिए भारी बारिश का अनुमान है। वहीं, पश्चिम बंगाल के दक्षिण और उत्तर दोनों ही क्षेत्रों में मौसम सक्रिय है। कोलकाता में अगले 7 दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जबकि उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और जलपाईगुड़ी में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन क्षेत्रों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

तमिलनाडु और दक्षिण भारत का मौसम

तमिलनाडु में मानसून की स्थिति सामान्य बनी हुई है। पश्चिमी घाट से सटे जिलों में 16 जुलाई तक मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है, जिससे उमस बढ़ने की आशंका है। पुडुचेरी और कराईकल में हल्की बारिश की संभावना है। कुल मिलाकर, देश का एक बड़ा हिस्सा इस समय मानसून की अनिश्चितता और उमस भरी गर्मी का सामना कर रहा है, जिसके चलते स्वास्थ्य और दैनिक गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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