UP Politics: यूपी कांग्रेस की कमान प्रियंका गांधी के हाथ? 2027 चुनाव से पहले बढ़ा दखल

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। यूपी कांग्रेस के गठबंधन, सीट बंटवारे और चुनाव प्रचार से जुड़े फैसलों में प्रियंका गांधी की भूमिका अहम होने वाली है। वहीं, वोट चोरी के मुद्दे पर 20 नवंबर के बाद प्रदेश में रैलियां करने की तैयारी भी शुरू हो गई है।

UP Politics

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

नवम्बर 5, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

UP Politics: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारी जैसे-जैसे तेज हो रही है, कांग्रेस के भीतर भी हलचल बढ़ने लगी है। इस बार यूपी कांग्रेस से जुड़ा कोई भी बड़ा चुनावी फैसला प्रियंका गांधी की सहमति के बिना आगे बढ़ता नजर नहीं आ रहा है। चाहे समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन का मामला हो, सीटों का बंटवारा हो या फिर चुनाव प्रचार की रणनीति, हर मुद्दे पर प्रियंका गांधी की नजर रहने वाली है।

दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की रैली के बाद से ही प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर ज्यादा सक्रिय दिखाई दे रही हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो यूपी कांग्रेस के नेता अब सीटों की दावेदारी से जुड़े आंकड़े और अपनी रणनीति उनके सामने रखेंगे। अंतिम फैसला प्रियंका की मंजूरी के बाद ही आगे बढ़ेगा।

प्रियंका गांधी के हाथों में होगी सपा-कांग्रेस गठबंधन की कमान

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लिए समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन काफी अहम माना जा रहा है। ऐसे में सीट बंटवारे को लेकर दोनों दलों के बीच होने वाली बातचीत पर भी प्रियंका गांधी की नजर रहेगी। कांग्रेस के कौन से नेता किस सीट पर दावा करेंगे, कितनी सीटों पर पार्टी चुनाव लड़ना चाहेगी और गठबंधन में किन मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी, इन सभी बातों पर उनकी सहमति जरूरी मानी जा रही है।

प्रियंका गांधी के हाथों में होगी सपा-कांग्रेस गठबंधन की कमान

प्रियंका गांधी का यूपी से पुराना राजनीतिक जुड़ाव भी इसकी बड़ी वजह है। उन्होंने उत्तर प्रदेश से ही सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। शुरुआत में उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई और बाद में पूरे प्रदेश का प्रभारी बनाया गया। हालांकि, अब वह केरल की वायनाड सीट से सांसद हैं, लेकिन यूपी की राजनीति से उनका जुड़ाव लगातार बना हुआ है।

यूपी कांग्रेस की चुनावी समितियों पर भी प्रियंका की नजर

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों को रफ्तार देने के लिए समितियां बनाने की कवायद भी शुरू हो गई है। हाल ही में मंगलवार को प्रियंका गांधी ने यूपी कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक की थी। इस दौरान सीटों के बंटवारे से लेकर चुनाव के लिए बनाई जाने वाली अलग-अलग समितियों पर चर्चा हुई।

सूत्रों के मुताबिक, इन समितियों में किन नेताओं को जगह मिलेगी और किसे कौन सी जिम्मेदारी दी जाएगी, इसका फैसला भी प्रियंका गांधी की सहमति से होगा। यानी प्रदेश कांग्रेस के संगठनात्मक फैसलों में भी उनका दखल पहले के मुकाबले ज्यादा देखने को मिल सकता है।

वोट चोरी के मुद्दे पर यूपी में बीजेपी को घेरेगी कांग्रेस

चुनावी रणनीति के साथ कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में जनता के बीच जाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। पार्टी इस बार वोट चोरी के मुद्दे को बड़ा चुनावी हथियार बनाना चाहती है। कांग्रेस का मानना है कि इस मुद्दे पर जनता के बीच माहौल बनाया जा सकता है और इसके जरिए बीजेपी के साथ-साथ चुनाव आयोग को भी घेरा जा सकता है।

इसी रणनीति के तहत 20 नवंबर के बाद उत्तर प्रदेश में रैलियां शुरू करने की तैयारी है। यूपी कांग्रेस के नेता रैली के लिए अलग-अलग जिलों में जगह तलाश रहे हैं। स्थान तय होने के बाद इसकी जानकारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को दी जाएगी। इसके बाद रैलियों का कार्यक्रम जारी किया जा सकता है।

यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस की बड़ी तैयारी

कांग्रेस की रणनीति साफ है कि अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले वह वोट चोरी के मुद्दे को प्रदेश के हर हिस्से तक पहुंचाना चाहती है। पार्टी के कई बड़े नेताओं का मानना है कि इस मुद्दे पर मिल रहे समर्थन को चुनावी माहौल में बदला जा सकता है। यही वजह है कि दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की रैली के बाद अब यूपी में भी इसी मुद्दे पर अभियान चलाने की तैयारी है।

सूत्रों का दावा है कि प्रदेश में इस पूरी कवायद को आगे बढ़ाने के लिए प्रियंका गांधी की ओर से निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यूपी कांग्रेस की राजनीति में उनकी सक्रियता बढ़ सकती है। अब देखना होगा कि प्रियंका गांधी की रणनीति सपा-कांग्रेस गठबंधन को कितनी मजबूती देती है और 2027 के चुनाव में कांग्रेस को इसका कितना फायदा मिलता है।

2