Weather Today : मानसून की विदाई के बीच बारिश का दौर जारी, 22 राज्यों में अलर्ट जारी

2 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में मौसम फिर करवट ले सकता है। IMD के अनुसार 22 राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। आखिर किन राज्यों पर रहेगा सबसे ज्यादा असर?

Weather Today

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 2, 2026

Weather Today : देश में मानसून की विदाई का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन मौसम का मिजाज अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। दी गई मौसम रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत करीब 20 राज्यों में खराब मौसम की स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।

20 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट

रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, असम, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, केरल, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, तेलंगाना, मेघालय और त्रिपुरा में मौसम प्रभावित हो सकता है। इन क्षेत्रों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है।

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तेज हवाओं से बढ़ सकती है परेशानी

मौसम खराब होने के दौरान तेज हवाएं लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकती हैं। कई क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान बताया गया है। ऐसे मौसम में पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी जाती है। बारिश के दौरान खुले स्थानों पर खड़े होने से भी बचना जरूरी है।

दिल्ली में बारिश के साथ आंधी का असर

राजधानी दिल्ली में 2 अक्टूबर को बारिश और गरज-चमक की संभावना बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक यहां 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। मौसम में बदलाव के कारण दिल्ली-एनसीआर में आवाजाही प्रभावित होने की आशंका भी रहेगी।

उत्तर प्रदेश में कई जिलों पर नजर

उत्तर प्रदेश में कानपुर, गाजियाबाद, प्रयागराज, बरेली, फिरोजाबाद, मथुरा, मेरठ, गोरखपुर, आगरा, गोंडा, उन्नाव और एटा समेत कई इलाकों में बारिश का अनुमान दिया गया है। कुछ जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। लखनऊ में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना बताई गई है।

बिहार और मध्य प्रदेश में भी मौसम बिगड़ने के आसार

बिहार में मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया, मुंगेर, जहानाबाद, वैशाली, पूर्णिया, भागलपुर, मधुबनी और किशनगंज में बारिश के साथ आंधी की संभावना है। वहीं मध्य प्रदेश में इंदौर, देवास, नीमच, खंडवा, पन्ना, नर्मदापुरम, गुना, छिंदवाड़ा, अशोकनगर और मुरैना में मौसम खराब हो सकता है। भोपाल में तापमान करीब 32 डिग्री अधिकतम और 22 डिग्री न्यूनतम रहने की संभावना बताई गई है।

राजस्थान में तेज हवाओं के साथ बारिश

राजस्थान के कोटा, अजमेर, उदयपुर, बीकानेर, भीलवाड़ा, बारां, बूंदी, टोंक, जयपुर और सवाई माधोपुर में बारिश का असर देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट में कुछ इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। जयपुर में अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री और न्यूनतम 20 से 22 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ तेज हवाओं का असर हो सकता है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश की स्थिति में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है। मनाली, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर, ऋषिकेश, हरिद्वार, नैनीताल, देहरादून, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जैसे क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।

मछुआरों और वाहन चालकों को सावधानी की सलाह

समुद्री क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की स्थिति में मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है। वहीं वाहन चालकों को बारिश और तेज हवाओं के दौरान गति नियंत्रित रखने तथा दृश्यता कम होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। पेड़ों के नीचे खड़े होने से भी बचना चाहिए, क्योंकि तेज हवा में शाखाएं टूट सकती हैं।

बंगाल की खाड़ी की गतिविधियों से बदलाव

रिपोर्ट के मुताबिक मौसम में बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी गतिविधियां अहम भूमिका निभा सकती हैं। इसके अलावा पूर्वोत्तर क्षेत्र में निचले स्तर का चक्रवाती परिसंचरण भी मौसम को प्रभावित कर सकता है। हालांकि मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए स्थानीय और आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।

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