Weather Update: सितंबर में कई इलाकों में हुई बारिश के बाद अब उत्तर भारत से मानसून की वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों से अगले कुछ दिनों में मानसून विदा होने के अनुकूल हालात बन गए हैं। हालांकि, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में अक्टूबर के शुरुआती दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून की वापसी और बारिश का दौर एक साथ देखने को मिलेगा।
दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में बारिश थमने के संकेत
मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से मानसून की वापसी लगभग तय हो चुकी है। उत्तर प्रदेश के बचे हुए हिस्सों से भी अगले 2 से 3 दिनों में मानसून लौट सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर काफी हद तक समाप्त हो चुका है। सितंबर में हुई भारी बारिश के बाद अब इन क्षेत्रों में मौसम के धीरे-धीरे शुष्क होने के संकेत मिल रहे हैं।

पहाड़ी राज्यों में फिर बारिश के आसार
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मानसून की वापसी की परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। इसके बावजूद कुछ इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर और फिर 5-6 अक्टूबर के दौरान बारिश की संभावना जताई है। जम्मू-कश्मीर में 5 और 6 अक्टूबर को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश के आसार बताए गए हैं।
छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में अक्टूबर तक बारिश
महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में भी अक्टूबर की शुरुआत में बारिश से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना नहीं है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 5 और 6 अक्टूबर को बारिश हो सकती है। वहीं छत्तीसगढ़ में 2 से 6 अक्टूबर के बीच बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे मानसून की वापसी के बीच इन राज्यों के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है।

बिहार, झारखंड और बंगाल में जारी रहेगा बारिश का दौर
पूर्वी भारत के कई राज्यों में अक्टूबर के शुरुआती दिनों में बारिश देखने को मिल सकती है। पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड में 2 अक्टूबर तक बारिश का अनुमान है। बिहार में 3 से 6 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है। ओडिशा में 1 से 6 अक्टूबर तक आंधी, तेज हवाओं, बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
पूर्वोत्तर राज्यों में एक सप्ताह तक बारिश
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले करीब एक सप्ताह तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। लोगों को मौसम के स्थानीय अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जा सकती है।
दक्षिण भारत में भी बारिश से नहीं मिलेगी पूरी राहत
महाराष्ट्र और गोवा के कोंकण क्षेत्र में 6 अक्टूबर तक बारिश होने के संकेत हैं। गुजरात के कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। दक्षिण भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक, रायलसीमा और केरल में अक्टूबर के पहले सप्ताह में बारिश जारी रह सकती है। इन क्षेत्रों में आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ वर्षा होने की स्थिति बन सकती है।

2001 के बाद चौथा सबसे कम बारिश वाला मानसून
IMD के अनुसार इस साल जून से सितंबर तक चलने वाले चार महीने के मानसून सीजन में देशभर में औसत बारिश सामान्य से कम रही। इस दौरान 759.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 868.6 मिलीमीटर माना जाता है। इस तरह पूरे मानसून सीजन में बारिश करीब 13 प्रतिशत कम रही। विभाग के मुताबिक 2001 के बाद यह चौथा सबसे कम बारिश वाला मानसून सीजन रहा।
अल नीनो को बारिश की कमी से जोड़ा गया
मौसम विभाग के अनुसार इस मानसून सीजन में बारिश की कमी के पीछे प्रशांत महासागर क्षेत्र में बनी अल नीनो परिस्थितियों की भूमिका रही। IMD ने यह भी बताया कि मजबूत अल नीनो का प्रभाव मार्च 2027 तक बना रह सकता है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की स्थिति अलग रही है और मानसून की वापसी भी चरणबद्ध तरीके से हो रही है। इसलिए अक्टूबर के शुरुआती सप्ताह में देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
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