मानसून कमजोर तो बढ़ी बिजली की खपत! पंजाब में मांग 16 हजार मेगावाट के पार

अमृतसर  मानसून कमजोर पड़ने से बढ़ी उमस भरी गर्मी के बीच पंजाब में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। वीरवार को मांग 16,176 मेगावाट पहुंच गई। वहीं लहरा मुहब्बत और रोपड़ थर्मल के चार यूनिट बंद होने से 920 मेगावाट उत्पादन ठप है। चारों यूनिट 10 सितंबर तक चालू होने की उम्मीद है। ऐसे में पावरकाम को उत्तरी ग्रिड से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है। 24 अगस्त को बिजली की मांग 16,139 मेगावाट थी जो 25 अगस्त को 16,277 और 26 अगस्त को 16,276 मेगावाट रही। वीरवार को यह 16,176 मेगावाट दर्ज हुई। पिछले वर्ष इसी दिन मांग

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Published On :

अगस्त 28, 2026

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अमृतसर 

मानसून कमजोर पड़ने से बढ़ी उमस भरी गर्मी के बीच पंजाब में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। वीरवार को मांग 16,176 मेगावाट पहुंच गई। वहीं लहरा मुहब्बत और रोपड़ थर्मल के चार यूनिट बंद होने से 920 मेगावाट उत्पादन ठप है। चारों यूनिट 10 सितंबर तक चालू होने की उम्मीद है। ऐसे में पावरकाम को उत्तरी ग्रिड से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है।

24 अगस्त को बिजली की मांग 16,139 मेगावाट थी जो 25 अगस्त को 16,277 और 26 अगस्त को 16,276 मेगावाट रही। वीरवार को यह 16,176 मेगावाट दर्ज हुई। पिछले वर्ष इसी दिन मांग 8,983 और 2024 में 12,178 मेगावाट थी। पावरकाम के अपने स्रोतों से करीब 4,200 मेगावाट बिजली उपलब्ध रही। इसमें सरकारी थर्मलों से 830 मेगावाट निजी थर्मलों से 2,605 और जलविद्युत परियोजनाओं से 560 मेगावाट शामिल है। 

1800 आउटसोर्स कर्मी हड़ताल पर
लहरा मुहब्बत के यूनिट नंबर एक तीन और चार तथा रोपड़ के यूनिट नंबर पांच में तकनीकी खराबी के कारण उत्पादन बंद है। लहरा मुहब्बत में बेल्ट नंबर 29 में आग लगने से केबल और उपकरण क्षतिग्रस्त हुए थे। वहीं करीब 1,800 आउटसोर्स कर्मचारी हड़ताल पर हैं। एक अधिकारी के अनुसार कर्मचारियों की कमी में संयंत्र चलाना जोखिम भरा था। थर्मलों में कोयले का पर्याप्त भंडार है। लहरा मुहब्बत में 16 रोपड़ में 29 गोइंदवाल में 15 राजपुरा में 11 और तलवंडी साबो में नौ दिन का कोयला उपलब्ध है।

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