Landslide in Wayanad: वायनाड भूस्खलन पर आया प्रियंका गांधी और केंद्र सरकार का बड़ा बयान; जानें कल्लाडी में अब कैसी है स्थिति?

केरल के वायनाड में कल्लाडी टनल प्रोजेक्ट साइट के पास भारी बारिश के बाद भीषण लैंडस्लाइड हुआ है। मलबे की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई है और कई लोग लापता हैं। एनडीआरएफ (NDRF) और बचाव दल मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।

Landslide in Wayanad

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 7, 2026

Landslide in Wayanad: केरल के वायनाड में एक बार फिर कुदरत का कहर बरपा है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के संसदीय क्षेत्र वायनाड के मेप्पाडी के पास कल्लाडी में अचानक हुए भीषण लैंडस्लाइड (भूस्खलन) ने भारी तबाही मचाई है। इस हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। वहीं, कम से कम 7 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। सोशल मीडिया और मीडिया चैनलों पर इस भूस्खलन का एक खौफनाक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो दिल दहला देने वाला है। यह दर्दनाक हादसा वायनाड टनल प्रोजेक्ट वाले इलाके में हुआ है, जहां भारी बारिश के बाद पहाड़ का एक हिस्सा ढह गया।

कल्लाडी टनल निर्माण स्थल पर हादसा

बताते चले कि, हादसे की मुख्य वजह पिछले 24 घंटों में हुई रिकॉर्ड 265 मिलीमीटर की मूसलाधार बारिश बताई जा रही है। कल्लाडी टनल निर्माण स्थल पर खुदाई के दौरान जो मलबा जमा किया गया था, वह भारी बारिश के कारण अचानक नीचे की तरफ खिसक आया। इस मलबे के बहाव के कारण मुख्य सड़कें पूरी तरह बंद हो गईं। मलबे की चपेट में आने से 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा के मद्देनजर साइट पर बीते दिन से ही काम बंद था, लेकिन जो लोग उस समय साइट के आसपास मौजूद थे या वहां से गुजर रहे थे, वे इस भूस्खलन की चपेट में आ गए।

केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी का बयान

आपको बता दे कि, इस बड़ी प्राकृतिक आपदा पर केंद्र सरकार ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने वायनाड भूस्खलन की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि वर्तमान में स्थिति पूरी तरह से राज्य सरकार के नियंत्रण में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार केरल की हर संभव मदद के लिए तैयार है। यदि राज्य सरकार को राहत और बचाव कार्य के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों या विशेषज्ञों (एक्सपर्ट्स) की आवश्यकता होगी, तो वह निश्चित रूप से इसकी मांग कर सकती है। सुरेश गोपी ने जोर देकर कहा कि आपदा के समय यह कोई एहसान या सर्विस नहीं है, बल्कि यह केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है।

मलबे में दबे कई लोग

केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, अभी भी कई लोगों के मलबे में फंसे होने की गंभीर आशंका है। कल्लाडी में मीनाक्षी ब्रिज के पास हुए इस लैंडस्लाइड की तीव्रता इतनी अधिक थी कि एक स्थानीय चर्च, एक चाय की दुकान और एक बस स्टॉप पूरी तरह से कीचड़ और मलबे के नीचे दफन हो गए हैं। यह वही इलाका है जहां प्रस्तावित वायनाड-मलप्पुरम टनल रोड प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य चल रहा था। घटना की सूचना मिलते ही फायर एंड रेस्क्यू सर्विस के कर्मचारी, स्थानीय पुलिस और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं और युद्ध स्तर पर बचाव अभियान (रेस्क्यू ऑपरेशन) चलाया जा रहा है।

सांसद प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल की प्रतिक्रिया

वायनाड से नवनिर्वाचित कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इस आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री और राज्य के नेता वी.डी. सतीसन खुद राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि NDRF, SDRF और सिविल डिफेंस के लोग जिला प्रशासन के साथ तालमेल बिठाकर काम कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर इस घटना को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने सभी यूडीएफ (UDF) कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे प्रशासन के राहत और बचाव कार्यों में बढ़-चढ़कर सहयोग करें और पीड़ितों की सलामती की प्रार्थना करें।