ब्रिटेन में जल संकट गहराया, पानी बचाने के लिए मुस्लिमों से वजू और चावल धोने को लेकर खास अपील

लंदन   इंग्लैंड में पानी की कमी अब इतनी बढ़ गई है कि सरकार और पानी की कंपनियां लोगों की आदतों में भी बदलाव की अपील कर रही हैं. इसी कड़ी में दक्षिण एशियाई यानी देसी परिवारों से कहा गया है कि वे चावल को 5-7 बार धोने के बजाय सिर्फ दो बार पानी से साफ करें. दावा है कि इससे हर बार चावल बनाते समय करीब 5 लीटर पानी बचाया जा सकता है. इस कैंपेन पर करीब 2.7 लाख पाउंड खर्च किए जा रहे हैं. इसका मकसद अलग-अलग समुदायों के लोगों को पानी बचाने के आसान तरीके बताना है. इसी

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Published On :

अगस्त 29, 2026

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लंदन 

 इंग्लैंड में पानी की कमी अब इतनी बढ़ गई है कि सरकार और पानी की कंपनियां लोगों की आदतों में भी बदलाव की अपील कर रही हैं. इसी कड़ी में दक्षिण एशियाई यानी देसी परिवारों से कहा गया है कि वे चावल को 5-7 बार धोने के बजाय सिर्फ दो बार पानी से साफ करें. दावा है कि इससे हर बार चावल बनाते समय करीब 5 लीटर पानी बचाया जा सकता है. इस कैंपेन पर करीब 2.7 लाख पाउंड खर्च किए जा रहे हैं. इसका मकसद अलग-अलग समुदायों के लोगों को पानी बचाने के आसान तरीके बताना है. इसी के साथ मुस्लिम समुदाय के लोगों को नमाज से पहले किए जाने वाले वजू में भी कम पानी इस्तेमाल की बात कही गई है. लेकिन अब इस पैसे और इस मुहिम को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। 

चावल धोने की आदत पर क्यों नजर?
इंग्लैंड के कई हिस्से इस समय सूखे की मार झेल रहे हैं. कई इलाकों में नदियों और जलाशयों का पानी कम हो रहा है. ऐसे में पानी की कंपनियां घरों में पानी की खपत कम करने के तरीके बता रही हैं. मुहिम में कहा गया है कि कुछ दक्षिण एशिया परिवार कच्चे चावल को 5 से 7 बार बहते पानी में धोते हैं. पानी साफ होने तक चावल धोने की इस आदत को कम करने की सलाह दी गई है. लोगों से कहा गया कि चावल को सिर्फ दो बार धोने से हर बार करीब 5 लीटर पानी बच सकता है. चावल धोने के बाद बचे पानी को फेंकने के बजाय पौधों में डालने का सुझाव भी दिया गया है। 

मुस्लिमों को खास निर्देश
इस मुहिम में मुस्लिम समुदाय को भी शामिल किया गया है. कैंब्रिज सेंट्रल मस्जिद के साथ मिलकर लोगों को वुजू के दौरान पानी बचाने का तरीका बताया जा रहा है. लोगों से कहा गया है कि नल खुला छोड़कर वुजू करने के बजाय एक लीटर का जग इस्तेमाल करें. अभियान के मुताबिक, लगातार नल चलाकर वुजू करने में एक बार में करीब 6 से 12 लीटर पानी खर्च हो सकता है। 

खर्च पर उठे सवाल
इस मुहिम को लेकर कुछ नेताओं और लोगों ने सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि जब लोगों के पानी के बिल बढ़ रहे हैं, तब ऐसी योजनाओं पर इतना पैसा खर्च करना कितना सही है? कंजर्वेटिव नेता माइक वुड ने भी इस खर्च की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि बढ़ते पानी के बिल भरने वाले परिवार इस तरह की योजना देखकर खुश नहीं होंगे. कुछ लोगों का यह भी कहना है कि पानी बचाने के लिए पहले ब्रिटेन की पुरानी पाइपलाइनों को ठीक किया जाना चाहिए। 

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