West Bengal Election: वोटर लिस्ट विवाद पर ममता बनर्जी का हमला, BJP और ECI पर गंभीर आरोप

वोटर लिस्ट विवाद ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है, जहां ममता बनर्जी ने BJP और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं, सवाल उठता है कि क्या चुनाव से पहले वोटरों के अधिकारों के साथ कोई बड़ा खेल हो रहा है या इसके पीछे कोई और सच्चाई छिपी है

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मार्च 25, 2026

Mamata Banerjee: ममता बनर्जी ने हाल ही में वोटर लिस्ट से कथित तौर पर असली मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सीधा सवाल खड़ा करती हैं। उनके अनुसार, यह स्थिति लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक है, क्योंकि इससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि किन लोगों को वैध मतदाता माना जा रहा है और किस आधार पर।

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पहचान और नागरिकता पर उठते प्रश्न

मुख्यमंत्री ने पहचान और नागरिकता के मुद्दे को भी गंभीर बताते हुए कहा कि मौजूदा हालात में यह स्पष्ट नहीं है कि किसे भारतीय नागरिक और वैध मतदाता के रूप में स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले में केंद्र सरकार और Bharatiya Janata Party से जवाब मांगा है। उनके मुताबिक, ऐसी अस्पष्टता लोगों के अधिकारों को प्रभावित कर सकती है।

SIR प्रक्रिया पर कड़ी आलोचना

ममता बनर्जी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) प्रक्रिया की तीखी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि Election Commission of India और BJP के बीच मिलीभगत है, जिसका उद्देश्य लोगों को उनके मतदान अधिकार से वंचित करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से जुड़े नोटिफिकेशन में गड़बड़ियां हैं और इसे केवल तकनीकी गलती बताकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता।

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वोटर लिस्ट जारी करने में देरी पर सवाल

वोटर लिस्ट जारी करने में देरी पर सवाल
वोटर लिस्ट जारी करने में देरी पर सवाल

मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि ब्लॉक और जिला स्तर पर सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे आम लोग असमंजस में हैं कि वे मतदान कर पाएंगे या नहीं। उन्होंने यह सवाल उठाया कि सूची को देर से और रात के समय क्यों जारी किया गया। उनके अनुसार, इस देरी के पीछे राजनीतिक मंशा हो सकती है।

मौतों और आत्महत्याओं का मुद्दा

बनर्जी ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया से जुड़े तनाव के कारण 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें आत्महत्या के मामले भी शामिल हैं। उन्होंने इस स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि प्रशासन को इस दिशा में तुरंत ध्यान देना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद बदलाव

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि Supreme Court of India के हस्तक्षेप के बाद कुछ नाम वोटर लिस्ट में जोड़े गए हैं, लेकिन पूरी प्रक्रिया अब भी पारदर्शी नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि पूरी सूची सार्वजनिक करने में इतनी देरी क्यों की जा रही है।

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राजनीतिक एकजुटता की अपील

आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए ममता बनर्जी ने सभी विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में एक-दलीय शासन की प्रवृत्ति बढ़ रही है और चुनावों में केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है।