Vodafone Idea Share Price: Vodafone Idea को मिला ‘लाइफलाइन’; 5 साल तक नहीं देना होगा AGR बकाया, निवेशकों की मौज

नए साल 2026 की शुरुआत वोडाफोन आइडिया (Vi) के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। कंपनी के शेयरों में 9% का उछाल देखा गया, जिसका मुख्य कारण सरकार द्वारा ₹87,695 करोड़ के AGR बकाये पर 5 साल की मोहलत और वोडाफोन ग्रुप के साथ हुआ ₹5,836 करोड़ का नया वित्तीय समझौता है।

Vodafone Idea Share Price

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जनवरी 1, 2026

Vodafone Idea Share Price: टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी वोडाफोन आइडिया के लिए साल 2026 की शुरुआत शानदार रही है। सरकार से मिली 5 साल की एजीआर (AGR) मोहलत और प्रमोटर ग्रुप के साथ हुए नए वित्तीय समझौते ने निवेशकों का भरोसा बढ़ा दिया है।

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शेयर बाजार में Vi का दबदबा और मार्केट कैप में वृद्धि

बताते चले कि, साल के पहले दिन, 1 जनवरी 2026 को शेयर बाजार खुलते ही वोडाफोन आइडिया के शेयरों (Vi Shares) में जबरदस्त खरीदारी देखी गई। बीएसई (BSE) पर कंपनी का शेयर 9 प्रतिशत तक की छलांग लगाकर ₹11.75 के उच्च स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी के साथ ही कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर 1.27 लाख करोड़ रुपये हो गया है। पिछले 6 महीनों के प्रदर्शन को देखें तो इस स्टॉक ने लगभग 60 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया है।

वोडाफोन ग्रुप के साथ ₹5836 करोड़ का नया वित्तीय समझौता

कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए वोडाफोन ग्रुप के साथ लायबिलिटी क्लेम सेटलमेंट किया गया है। रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, इस री-सेटलमेंट के तहत वोडाफोन आइडिया को कुल 5836 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसमें से ₹2307 करोड़ प्रमोटर्स द्वारा अगले 12 महीनों में जारी किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, वोडाफोन ग्रुप ने कंपनी के भविष्य के लाभ के लिए अपने 328 करोड़ शेयर भी अलग रख दिए हैं, जिससे कैश इन्फ्यूजन की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

AGR बकाये पर केंद्र सरकार से मिला 5 साल का राहत पैकेज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने वोडाफोन आइडिया के लिए एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) भुगतान पर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। संकट में फंसी इस टेलीकॉम कंपनी को ₹87,695 करोड़ के एजीआर बकाये पर 5 साल की मोहलत दी गई है। अब इस भारी-भरकम राशि का भुगतान वित्त वर्ष 2031-32 से 2040-41 के बीच करना होगा। सरकार की इस बेलआउट स्कीम से कंपनी को अपनी सेवाओं के विस्तार और तकनीकी अपग्रेडेशन के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा।

बेहतर होते वित्तीय नतीजे और कम होता शुद्ध घाटा

वोडाफोन आइडिया के हालिया तिमाही नतीजों में भी सुधार के संकेत मिले हैं। जुलाई-सितंबर 2025 की तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध घाटा (Net Loss) कम होकर ₹5524 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹7175.9 करोड़ था। वहीं, ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू भी 2.4 प्रतिशत बढ़कर ₹11,195 करोड़ पहुंच गया है। वर्तमान में इस कंपनी में भारत सरकार की 49 प्रतिशत की बड़ी हिस्सेदारी है, जो इसे सरकारी समर्थन प्राप्त एक मजबूत खिलाड़ी बनाती है।

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