Vladimir Alekseyev Shot: मॉस्को में रूसी मिलिट्री इंटेलिजेंस के डिप्टी चीफ पर जानलेवा हमला, गोलियों से छलनी हुए जनरल अलेक्सेयेव, हालत नाजुक

रूस की सबसे ताकतवर खुफिया एजेंसी GRU के नंबर 2 अधिकारी व्लादिमीर अलेक्सेयेव पर मॉस्को के वोल्कोलामस्कॉय हाईवे के पास सुबह-सुबह हमला हुआ। एक अज्ञात हमलावर ने उन्हें कई गोलियां मारीं और फरार हो गया। शांति वार्ता के बीच हुए इस हमले ने पुतिन प्रशासन को हिला दिया है। क्या यह कोई गहरी साजिश है?

Vladimir Alekseyev shot

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 6, 2026

Vladimir Alekseyev shot: रूस की राजधानी मॉस्को एक सनसनीखेज वारदात से दहल उठी है, जहाँ रूसी मिलिट्री इंटेलिजेंस (GRU) के पहले डिप्टी चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव को निशाना बनाया गया है। जांच समिति की प्रवक्ता स्वेतलाना पेट्रेंको द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, एक अज्ञात हमलावर ने जनरल अलेक्सेयेव पर कई राउंड फायरिंग की, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। अलेक्सेयेव 2011 से रूसी सैन्य खुफिया विभाग में एक बेहद प्रभावशाली और रणनीतिक पद पर तैनात हैं। इस हमले ने न केवल रूस की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल पैदा कर दी है।

लिफ्ट हॉल में घात लगाकर हमला: हमलावर मौके से फरार

प्रारंभिक जांच और चश्मदीदों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, यह हमला जनरल अलेक्सेयेव के अपार्टमेंट भवन के प्रवेश द्वार या लिफ्ट हॉल के पास हुआ। हमलावर ने बहुत करीब से जनरल पर गोलियां बरसाईं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उनकी पीठ में तीन गोलियां लगी हैं, जबकि कुछ रूसी मीडिया सूत्रों का कहना है कि उन पर छह बार फायरिंग की गई। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद हमलावर सुरक्षित भाग निकलने में कामयाब रहा। फिलहाल, मॉस्को पुलिस और विशेष सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और फोरेंसिक टीमें घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में लगी हैं।

‘हीरो ऑफ रशिया’ से सम्मानित दिग्गज सैन्य अधिकारी की प्रोफाइल

लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव कोई साधारण अधिकारी नहीं हैं, बल्कि उन्हें रूसी सैन्य ढांचे का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता है। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और वीरता के लिए साल 2017 में उन्हें रूस के सर्वोच्च नागरिक और सैन्य सम्मान ‘हीरो ऑफ रशिया’ से नवाजा गया था। खुफिया अभियानों और विशेष रणनीतियों में उनकी महारत के कारण वे राष्ट्रपति पुतिन के करीबी घेरे का हिस्सा माने जाते हैं। सोशल मीडिया पर हमलावर के महिला होने की अटकलें और अफवाहें भी तैर रही हैं, लेकिन रूसी प्रशासन ने अभी तक हमलावर की पहचान या लिंग को लेकर कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

यूक्रेन युद्ध के बीच रूस के लिए एक बड़ा रणनीतिक झटका

रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण संघर्ष के दौर में जनरल अलेक्सेयेव पर हुआ यह हमला रूसी खुफिया तंत्र के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। वे न केवल सैन्य खुफिया जानकारी के प्रबंधन में शामिल रहे हैं, बल्कि कई गुप्त अभियानों के सूत्रधार भी रहे हैं। याद दिला दें कि 2023 में जब वैगनर समूह ने विद्रोह किया था, तब अलेक्सेयेव ही वह व्यक्ति थे जिन्होंने सार्वजनिक रूप से वैगनर लड़ाकों से हथियार डालने और विद्रोह समाप्त करने की अपील की थी। उनकी अनुपस्थिति या कार्यक्षमता में कमी आना रूसी सैन्य अभियानों की निरंतरता को प्रभावित कर सकता है।

जांच और जिम्मेदारी: क्या यह कोई बाहरी साजिश है?

अभी तक इस जानलेवा हमले की जिम्मेदारी किसी भी व्यक्ति या आतंकी संगठन ने नहीं ली है। रूसी अधिकारी इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि क्या यह किसी विदेशी खुफिया एजेंसी का काम है या इसके पीछे कोई आंतरिक कलह है। स्वेतलाना पेट्रेंको ने कहा है कि जांच जारी है और दोषियों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल, अलेक्सेयेव एक उच्च-सुरक्षा वाले अस्पताल में भर्ती हैं जहाँ उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। पूरी दुनिया की निगाहें अब क्रेमलिन की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि रूस इस हमले का जवाब किस तरह देता है।