Vivek Aggarwal FATF Vice President: टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी वैश्विक चुनौतियों के खिलाफ दुनिया भर में वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) से भारत के लिए एक बहुत बड़ी और गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। भारतीय नागरिक विवेक अग्रवाल को FATF का नया उपाध्यक्ष (वाइस प्रेसिडेंट) नियुक्त किया गया है। इस प्रतिष्ठित और बेहद प्रभावशाली वैश्विक पद पर किसी भारतीय की यह पहली नियुक्ति है, जिसे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मोर्चे पर भारत की एक बहुत बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है। भारत लंबे समय से आतंकवाद के वित्तपोषण (Financial Funding) और काले धन को वैध बनाने (Money Laundering) के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाता रहा है। इस ऐतिहासिक नियुक्ति के बाद पड़ोसी देश पाकिस्तान की चिंताएं और मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।
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ओवैसी ने पीएम मोदी से की पाकिस्तान को घेरने की मांग
इस पूरे मामले पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी का एक बड़ा और बेहद तीखा बयान सामने आया है। विवेक अग्रवाल को बधाई देने के साथ ही ओवैसी ने इस मौके पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के सामने पाकिस्तान को लेकर एक बहुत बड़ी कूटनीतिक मांग रख दी है।
ओवैसी ने सोशल मीडिया और मीडिया बयानों के जरिए कहा कि विवेक अग्रवाल FATF के उपाध्यक्ष चुने जाने वाले पहले भारतीय अधिकारी हैं और यह देश के लिए एक मजबूत अवसर है। उन्होंने मांग की कि अब समय आ गया है जब नरेंद्र मोदी सरकार को अपनी इस नई वैश्विक ताकत का इस्तेमाल करना चाहिए और पाकिस्तान को तत्काल प्रभाव से वापस FATF की ‘ग्रे लिस्ट’ (Grey List) में डालने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरा दबाव बनाना चाहिए।
“ISI को भी किया जाए ब्लैकलिस्ट, नवंबर 2025 का हमला न भूलें”
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए एआईएमआईएम प्रमुख ने अमेरिकी सुरक्षा सूचियों और संयुक्त राष्ट्र के रुख पर भी सवाल उठाए। ओवैसी ने कहा, “पाकिस्तान समर्थित और भारत में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन टीआरएफ (The Resistance Front – TRF) को लेकर अमेरिका (USA) द्वारा जारी की गई लिस्ट का कोई खास फायदा या जमीनी असर देखने को नहीं मिलता है। अगर आतंकवाद को जड़ से खत्म करना है तो TRF को संयुक्त राष्ट्र (UN) की वैश्विक आतंकी सूची में शामिल कराने की सख्त जरूरत है।”
इसके साथ ही उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि मोदी सरकार को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) को भी वैश्विक स्तर पर प्रतिबंधित या संदिग्ध संस्थाओं की सूची में शामिल कराने की पुरजोर कोशिश करनी चाहिए थी और अब भी यह कोशिश जारी रखनी चाहिए। देश की सुरक्षा का जिक्र करते हुए ओवैसी ने याद दिलाया कि हमें नवंबर 2025 में दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर हुए आत्मघाती हमले (Suicide Blast) को कभी नहीं भूलना चाहिए और इन हमलों के पीछे बैठे सीमा पार के आकाओं को बेनकाब करना ही होगा।
कौन हैं विवेक अग्रवाल और क्यों महत्वपूर्ण है यह पद?
आपको बता दें कि FATF के नवनियुक्त उपाध्यक्ष विवेक अग्रवाल को वित्तीय अपराधों और अंतरराष्ट्रीय नियमों की गहरी समझ है। इससे पहले वे FATF की बैठकों में भारतीय प्रतिनिधिमंडल (Indian Delegation) का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने भारत सरकार के तहत काम करने वाली ‘वित्तीय खुफिया इकाई’ (FIU-IND) के निदेशक (Director) के रूप में भी एक लंबा और शानदार कार्यकाल संभाला है, जहां उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन पर कड़ा शिकंजा कसा था।
क्या होती है FATF की ‘ग्रे लिस्ट’
फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) एक अंतर-सरकारी संस्था है जो इस बात पर कड़ी नजर रखती है कि दुनिया का कोई देश आतंकवादियों को पैसे तो नहीं मुहैया करा रहा है। अगर कोई देश आतंकवादियों की फंडिंग रोकने में नाकाम रहता है, तो FATF उसे ‘ग्रे लिस्ट’ या फिर सबसे खतरनाक ‘ब्लैक लिस्ट’ में डाल देता है।
एक बार जब कोई देश इस लिस्ट में शामिल हो जाता है, तो अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), वर्ल्ड बैंक (World Bank) और एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) जैसी बड़ी वैश्विक वित्तीय संस्थाएं उस देश को कर्ज (Loan) देना बंद कर देती हैं या फिर उन पर इतनी कड़ी शर्तें लगा देती हैं कि उस देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह तबाह होने के कगार पर पहुंच जाती है। यही वजह है कि ओवैसी अब भारत के इस नए पद का इस्तेमाल कर पाकिस्तान की आर्थिक घेराबंदी करने की वकालत कर रहे हैं।
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