Sehwag on Sudharsan : साई सुदर्शन के शतक पर सहवाग ने उठाए सवाल, क्या धीमी पारी बनी गुजरात की हार का कारण?

आईपीएल 2026 में साई सुदर्शन ने शानदार शतक जड़कर इतिहास रचा, लेकिन वीरेंद्र सहवाग उनकी धीमी बल्लेबाजी से खुश नहीं हैं। सहवाग का दावा है कि चिन्नास्वामी की पिच पर सुदर्शन को और आक्रामक होना चाहिए था। क्या गुजरात का 205 का स्कोर सुदर्शन की वजह से कम रह गया? जानें पूरा मामला।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 25, 2026

Sehwag on Sudharsan :  IPL 2026 के एक रोमांचक मुकाबले में गुजरात टाइटंस (GT) को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के हाथों 5 विकेट से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। इस मैच में गुजरात के युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन ने शानदार शतकीय पारी खेली, लेकिन उनकी इस उपलब्धि के बावजूद पूर्व भारतीय दिग्गज वीरेंद्र सहवाग ने उनकी बल्लेबाजी शैली पर कड़े सवाल उठाए हैं। सहवाग का मानना है कि सुदर्शन की पारी टीम के लिए उतनी प्रभावी नहीं रही, जितनी वह हो सकती थी।

मैच का लेखा-जोखा: सुदर्शन का शतक और GT की चुनौती

24 अप्रैल को खेले गए इस मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 3 विकेट के नुकसान पर 205 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस स्कोर का मुख्य आधार साई सुदर्शन रहे, जिन्होंने 58 गेंदों में 100 रनों की पारी खेली। अपनी इस पारी में उन्होंने 11 चौके और 5 गगनचुंबी छक्के जड़े। सुदर्शन के अलावा कप्तान शुभमन गिल ने 32, जोस बटलर ने 25 और जेसन होल्डर ने 23 रनों का योगदान दिया। हालांकि, 200 से अधिक का स्कोर बनाने के बावजूद गुजरात की टीम अपनी बढ़त बरकरार नहीं रख सकी।

वीरेंद्र सहवाग की तीखी आलोचना: स्ट्राइक रेट पर सवाल

मैच के बाद एक खेल चर्चा के दौरान वीरेंद्र सहवाग ने साई सुदर्शन की पारी का विश्लेषण करते हुए उनकी आलोचना की। सहवाग ने कहा कि आधुनिक टी20 क्रिकेट में 58 गेंदों में शतक बनाना अब पर्याप्त नहीं माना जा सकता। सहवाग के अनुसार, “अगर उनकी जगह कोई और आक्रामक बल्लेबाज होता, तो वह 58 गेंदों का सामना करने के बाद 130 या 150 के स्कोर तक पहुँचता।” सहवाग का तर्क है कि जब एक बल्लेबाज क्रीज पर सेट हो जाता है, तो उसे अंतिम ओवरों में अपनी गति को दोगुना करना चाहिए।

’50 गेंदों में शतक होता तो बेहतर‘: सहवाग का तर्क

सहवाग ने आगे विस्तार से बताते हुए कहा कि हालांकि 172.11 का स्ट्राइक रेट बुरा नहीं है, लेकिन सुदर्शन ने 50 रन बनाने के बाद तेजी से रन बटोरने का मौका गंवा दिया। उन्होंने कहा, “जब आप 50 का आंकड़ा पार कर लेते हैं, तो अगली 8-10 गेंदों में आपको 20-30 रन बनाने का प्रयास करना चाहिए। अगर सुदर्शन ने अपना शतक 50 गेंदों में पूरा किया होता, तो गुजरात के पास अंत में 15-20 रन अतिरिक्त होते, जो मैच का परिणाम बदल सकते थे।” सहवाग का मानना है कि टी20 में हर एक गेंद की कीमत होती है और सेट बल्लेबाज को ‘एक्स्ट्रा’ रन बनाने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

RCB की तूफानी वापसी: विराट और पडिक्कल का जलवा

206 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने शुरुआत में जैकब बेथेल का विकेट जल्दी गंवा दिया था। लेकिन इसके बाद विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल ने मोर्चा संभाला। विराट कोहली ने महज 44 गेंदों में 81 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर मैच का रुख मोड़ दिया। देवदत्त पडिक्कल ने भी 55 रनों का अहम योगदान दिया। इन दोनों की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की बदौलत RCB ने 18.5 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया और 5 विकेट से जीत दर्ज की।

क्या आधुनिक टी20 में शतक ही काफी है?

सहवाग की यह टिप्पणी इस बहस को फिर से हवा देती है कि टी20 क्रिकेट में ‘माइलस्टोन’ यानी निजी रिकॉर्ड ज्यादा मायने रखते हैं या स्ट्राइक रेट। गुजरात टाइटंस के लिए सुदर्शन ने भले ही शतक जड़ा, लेकिन RCB की तेज बल्लेबाजी ने यह साबित कर दिया कि 205 का स्कोर भी सुरक्षित नहीं था। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि सहवाग की आलोचना भविष्य में सुदर्शन जैसे युवा खिलाड़ियों को अपनी पारी के दौरान गति (मोमेंटम) बनाए रखने में मदद करेगी। अब देखना यह है कि आगामी मैचों में गुजरात टाइटंस अपनी इस रणनीति में क्या बदलाव करती है।

Read  More:  Raghav Chadha Joins BJP: AAP के 7 सांसदों ने बदला पाला, संजय सिंह बोले-राघव चड्ढा को छोडूंगा नहीं!