WFI Controversy : उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित नंदिनी नगर स्टेडियम सोमवार को कुश्ती के दांव-पेंचों से ज्यादा एक बड़े विवाद का केंद्र बन गया। नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब देश की दिग्गज महिला पहलवान विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विनेश, जो लंबे समय बाद मैट पर वापसी करने की कोशिश कर रही हैं, ने संघ पर गंभीर आरोप लगाए कि उन्हें जानबूझकर इस प्रतियोगिता से दूर रखने के बहाने तलाशे जा रहे हैं। इस विवाद ने एक बार फिर भारतीय कुश्ती के भीतर चल रही खींचतान को सार्वजनिक कर दिया है।
भावुक हुईं विनेश: संन्यास के लिए मजबूर करने का आरोप
मीडिया से मुखातिब होते हुए विनेश फोगाट काफी भावुक और आक्रोशित नजर आईं। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि कुश्ती संघ उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। विनेश के अनुसार, उन्होंने संन्यास से वापसी के लिए जो भी आवश्यक नियम और कानूनी प्रक्रियाएं थीं, उन्हें पूरी तरह निभाया है। इसके बावजूद उन्हें बार-बार नई नोटिस और प्रक्रियाओं के जाल में उलझाया जा रहा है। विनेश ने आशंका जताई कि संघ का अंतिम उद्देश्य उन्हें इतना थकाना है कि वह हार मानकर खेल से हमेशा के लिए दूरी बना लें।
अधिकारियों की कार्यशैली और 14 दिन का नोटिस पीरियड
टूर्नामेंट के दौरान हुई बैठक का ब्यौरा देते हुए विनेश ने बताया कि अधिकारी केवल अपनी बात मनवाने और ‘पॉलिटिकली करेक्ट’ दिखने की कोशिश कर रहे थे। विनेश ने आरोप लगाया कि उनसे कहा गया कि वह नए नोटिस का 14 दिनों के भीतर लिखित जवाब दें। इस पर विनेश ने कड़ा एतराज जताया। उन्होंने सवाल किया कि जब उनके पास अंतरराष्ट्रीय कुश्ती संस्था (UWW) से जुड़े तमाम साक्ष्य और दस्तावेज मौजूद हैं, जिन्हें वह तुरंत दिखाने को तैयार थीं, तो उन्हें 14 दिन इंतजार करने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि बिना सबूत देखे ही उन्हें दोषी मान लेना संघ की पक्षपाती कार्यशैली को दर्शाता है।
“खुल कर कह दो कि मुझे खेलने नहीं देना चाहते”
अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए विनेश ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों से दो-टूक बात की। विनेश ने बैठक में कहा, “घुमा-फिराकर बातें करने के बजाय आप सीधे-सीधे बोल दें कि आप मुझे मुकाबला करने की अनुमति नहीं देना चाहते। आप बस यह चाहते हैं कि मैं इन कानूनी और कागजी प्रक्रियाओं से इतनी तंग आ जाऊं कि खुद ही संन्यास का ऐलान कर दूं।” विनेश का दावा है कि उनके पास अपनी बेगुनाही और पात्रता के सभी तकनीकी सबूत मौजूद हैं, लेकिन कथित तौर पर अधिकारियों ने उन्हें देखने से इनकार कर दिया और प्रक्रिया के नाम पर मामले को लटकाए रखा।
मानसिक दबाव और मैट पर वापसी की चुनौती
विनेश फोगाट ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लगातार विवादों में इसलिए घसीटा जा रहा है ताकि उनका मानसिक मनोबल टूट जाए। एक एथलीट के लिए अभ्यास और खेल पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी होता है, लेकिन विनेश का कहना है कि उन्हें अपना ज्यादातर समय स्पष्टीकरण देने और विवादों को सुलझाने में बिताना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह मैट पर वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन कुछ ताकतवर लोग उनके करियर को खत्म करने पर तुले हुए हैं। फिलहाल, विनेश के इन आरोपों ने कुश्ती जगत में नई बहस छेड़ दी है और सबकी नजरें अब संघ के अगले कदम पर टिकी हैं।
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