Wrestling Trials : ओलिंपियन रेसलर विनेश फोगाट ने पेरिस ओलिंपिक के बाद एक बार फिर मैट पर धमाकेदार वापसी की है। उन्होंने एशियन गेम्स ट्रायल की अपनी पहली बाउट में शानदार जीत दर्ज की। 53 किलोग्राम वेट कैटेगरी में खेलते हुए विनेश ने हरियाणा की ही ज्योति सिहाग को 7-1 के बड़े अंतर से शिकस्त दी। मैच की शुरुआत से ही विनेश अपनी प्रतिद्वंदी पर पूरी तरह हावी नजर आईं। खेल शुरू होने के कुछ ही सेकेंड के भीतर उन्होंने ज्योति को मैट से बाहर धकेल कर अपना पहला पॉइंट हासिल कर लिया।
आक्रामक खेल से ज्योति सिहाग को दी शिकस्त
शुरुआती बढ़त बनाने के बाद विनेश फोगाट ने मैच में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली। उन्होंने मैट पर लगातार दो बेहतरीन पटकनी देते हुए 6 और अंक अपने नाम कर लिए। दूसरी ओर, जूनियर वर्ल्ड कप की गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकीं ज्योति सिहाग विनेश के आक्रामक दांव-पेंच के सामने बेबस नजर आईं। ज्योति मैच के बिल्कुल आखिरी पलों में जैसे-जैसे केवल एक सांत्वना अंक ही अर्जित कर सकीं। पेरिस ओलिंपिक के ऐतिहासिक घटनाक्रम के बाद विनेश किसी भी व्यावसायिक या आधिकारिक प्रतियोगिता में पहली बार उतर रही थीं, जहां उन्होंने अपनी फॉर्म का लोहा मनवाया।
स्टेडियम में एंट्री को लेकर सुरक्षाकर्मियों से तीखी बहस
मुकाबले से ठीक पहले दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम के मुख्य द्वार पर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब सुरक्षाकर्मियों ने विनेश और उनके पति सोमवीर राठी को अंदर जाने से रोक दिया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी बहस हुई। हालांकि, बाद में स्थिति को संभालते हुए उन्हें स्टेडियम में प्रवेश दे दिया गया। अंदर जाने के बाद विनेश ने मीडिया से कड़े लहजे में बात की। उन्होंने महासंघ और मौजूदा व्यवस्था पर अविश्वास जताते हुए कहा कि अब उन्हें किसी पर भरोसा नहीं रहा, इसलिए वह अपनी डाइट भी खुद साथ लेकर आई हैं।
सुप्रीम कोर्ट से मिली ट्रायल में शामिल होने की हरी झंडी
विनेश फोगाट का इस ट्रायल में शामिल होना भी आसान नहीं था। 28 मई को रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) ने विनेश को ट्रायल से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष अर्जी दाखिल की थी। हालांकि, 29 मई को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की बेंच ने WFI की इस याचिका को सिरे से ठुकरा दिया और विनेश को ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दे दी।
53 किलो वर्ग में खेलने के लिए करना पड़ा भारी संघर्ष
ट्रायल के दौरान विनेश को शुरुआत में केवल 50 किलोग्राम भार वर्ग में ही खेलने के लिए कहा गया था, जिस पर उन्होंने कड़ा विरोध दर्ज कराया। काफी विवाद होने के बाद अंततः WFI के अध्यक्ष संजय सिंह को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। उनके दखल के बाद ही विनेश को उनकी पसंदीदा 53 किलोग्राम भार वर्ग कैटेगरी के ट्रायल में उतरने की मंजूरी मिल सकी।
वजन-माप में देरी और डाइट को लेकर विनेश की चिंता
विनेश ने संगठन पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए बताया कि वजन-माप (वेट-इन) की प्रक्रिया के लिए उन्हें करीब एक घंटे तक इंतजार कराया गया। बहुत संघर्ष करने के बाद ही उन्हें अंतिम औपचारिकताएं पूरी करने दी गईं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि वह अपनी लड़ाई खुद लड़ रही हैं और सुरक्षा के लिहाज से अपना खाना-पीना खुद लेकर आई हैं।
रेलवे की अंतिम पंघाल से मिल सकती है कड़ी चुनौती
भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने स्पष्ट किया कि विनेश समेत सभी योग्य पहलवानों ने वेट-इन की निर्धारित शर्तें पूरी की थीं, जिसके बाद ही उन्हें चयन ट्रायल्स में शामिल किया गया। गौरतलब है कि इसी 53 किलो वर्ग में रेलवे की मजबूत पहलवान अंतिम पंघाल भी चुनौती पेश कर रही हैं, जिससे आगे का मुकाबला बेहद दिलचस्प होने की उम्मीद है।
आर्मी की धाकड़ रेसलर ज्योति सिहाग को दी मात
विनेश की पहली प्रतिद्वंदी ज्योति सिहाग हरियाणा के हिसार की रहने वाली हैं और भारतीय सेना में स्पोर्ट्स कोटे के तहत कार्यरत हैं। ज्योति खुद एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं, लेकिन इस मुकाबले में विनेश के अनुभव और आक्रामकता के आगे उनकी एक न चली।










