Vikram Aur Betaal: वो भी एक अलग ही दौर था जब भारतीय टेलीविजन यानी 80 और 90 के दशक में रामायण ओर महाभारत ने दूरदर्शन के जरिए अपनी एक अलग ही पहचान बना ली थी। इस दौर में लोगों के घरो में रामानंद सागर की रामायण और बीआर चोपड़ा की महाभारत ने इतिहास रच दिया। हालांकि इसी समय एक ऐसा शो ने टीवी पर दस्तक दी जिसने दर्शकों के लिए एक अमिट छाप छोड़ दी। विक्रम और बेताल (Vikram Aur Betaal) लोगों के दिलों पर जमकर राज करने लगी।
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26 एपिसोड, 8.3 रेटिंग और अपार लोकप्रियता
बताते चलें कि, विक्रम और बेताल कुल 26 एपिसोड का शो था, लेकिन इसके बावजूद यह दूरदर्शन पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले शो में से एक बन गया। इस शो की IMDb रेटिंग 8.3 थी, जो इसे क्लासिक कल्ट शो बनाती है। कहानी में सस्पेंस, धोखा, बुद्धिमानी और साहस का बेहतरीन मिश्रण था। इस शो के प्रोडक्शन पर लगभग 26 लाख रुपये खर्च हुए थे, जो उस समय टीवी शो के लिए बड़ी रकम मानी जाती थी। रामानंद सागर ने विक्रम और बेताल में भी अपनी कहानी कहने की कला दिखाई, जो उन्होंने रामायण में भी दिखाई थी।
राम-सीता भी हुए शामिल

दिलचस्प बात यह थी कि रामानंद सागर ने इस शो में रामायण के अरुण गोविल (राम) और दीपिका चिखलिया (सीता) को भी शामिल किया। इससे दर्शकों में शो के प्रति उत्साह और बढ़ गया। अरुण गोविल ने राजा विक्रम का किरदार निभाया, जबकि बेताल की भूमिका बॉलीवुड अभिनेता सज्जन ने निभाई।
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विक्रम और बेताल की कहानी
आपको बता दें कि, यह शो पौराणिक कथा ‘बेताल पचीसी’ पर आधारित था, जिसे 11वीं सदी के कश्मीरी कवि सोंदेव भट्ट ने लिखा था। कहानी में बुद्धिमान और नीतिवान राजा विक्रमादित्य को दिखाई गई है, जो एक चुनौती का सामना करता है। उसे एक प्रतिज्ञा पूरी करने के लिए बेताल की लाश को पेड़ की चोटी से चुपचाप उठाकर दूसरी जगह ले जाना होता है। हर एपिसोड में राजा विक्रम को बेताल की कहानी सुनाई जाती थी, जो उसे नैतिक और दार्शनिक सवालों के माध्यम से बुद्धिमानी का पाठ पढ़ाती थी। यह सस्पेंस, रहस्य और ज्ञान का अद्भुत मिश्रण था, जिसने बच्चों और बड़ों दोनों को जोड़े रखा।
टेलीविजन पर शो का असर
वहीं, विक्रम और बेताल 1985 में दूरदर्शन पर टेलीकास्ट हुआ था और रामायण के बाद इसे 1988 में फिर से टेलीकास्ट किया गया। यह शो न केवल मनोरंजन करता था, बल्कि नैतिक और दार्शनिक शिक्षा भी देता था। आज भी यह शो पुराने टीवी दर्शकों के लिए क्लासिक कल्ट की श्रेणी में आता है। 26 एपिसोड और छोटे-बड़े कलाकारों की शानदार अदाकारी ने इसे भारतीय टेलीविजन इतिहास का अविस्मरणीय हिस्सा बना दिया।










