Vijay TVK Government : तमिलनाडु में विजय की TVK सरकार का रास्ता साफ, वामदलों और VCK का समर्थन

तमिलनाडु में सियासी भूचाल: क्या थलापति विजय रचने जा रहे हैं इतिहास? वामदलों और VCK के अचानक समर्थन ने DMK और AIADMK के खेमे में हलचल मचा दी है। बहुमत के जादूई आंकड़े के करीब पहुंची TVK की सरकार बनने का सस्पेंस अब खत्म होने को है, जानिए राजभवन में क्या हुआ?

Vijay TVK Government

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 8, 2026

Vijay TVK Government : तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त एक बड़ा ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। फिल्मी पर्दे पर अपनी धाक जमाने वाले सुपरस्टार विजय अब राज्य की सत्ता की कमान संभालने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। सूत्रों और हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों से यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि विजय की पार्टी, ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (TVK), राज्य में अगली सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। लंबे समय से कयास लगाए जा रहे थे कि क्या विजय राजनीति में सफल हो पाएंगे, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों ने इन सभी संदेहों पर विराम लगा दिया है। विजय की पार्टी न केवल उभरकर सामने आई है, बल्कि अन्य अनुभवी राजनीतिक दलों का विश्वास जीतने में भी सफल रही है।

गठबंधन का गणित: वामदलों और VCK ने दिया विजय को साथ

सरकार बनाने की दिशा में सबसे बड़ी चुनौती बहुमत का आंकड़ा जुटाना थी, जिसे विजय ने सूझबूझ के साथ हल कर लिया है। ताजा जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु के प्रमुख छोटे और प्रभावशाली दलों ने TVK को समर्थन देने का मन बना लिया है। विदुथलाई चिरुथाईगल काच्चि (VCK), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPM ने विजय के नेतृत्व वाली सरकार को अपना समर्थन देने पर सहमति जताई है। इन दलों का साथ आना न केवल विजय के लिए बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह राज्य में एक नए वैचारिक गठबंधन की ओर भी इशारा करता है, जो पारंपरिक द्रविड़ राजनीति से थोड़ा हटकर हो सकता है।

राजभवन की हलचल: गवर्नर से मुलाकात और बहुमत की शर्त

सत्ता की इस दौड़ में राजभवन की भूमिका काफी अहम हो गई है। TVK प्रमुख विजय पिछले तीन दिनों से लगातार राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से मिलने का समय मांग रहे हैं। इससे पहले, राज्यपाल ने दो बार विजय से मुलाकात करने से इनकार कर दिया था। राजभवन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि विजय को सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए सदन में जरूरी 118 विधायकों का समर्थन पत्र दिखाना होगा। राज्यपाल की इस सख्त संवैधानिक प्रक्रिया ने विजय को अपनी ताकत एकजुट करने के लिए मजबूर किया। अब जबकि समर्थन का दावा किया जा रहा है, विजय तीसरी बार राज्यपाल के पास अपनी बहुमत की लिस्ट लेकर पहुंचने की तैयारी में हैं।

जादुई आंकड़ा 118: कैसे पूरा हुआ बहुमत का सफर?

तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को कम से कम 118 विधायकों की आवश्यकता होती है। TVK खेमे की ओर से दावा किया गया है कि उन्होंने अब यह जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। आंकड़ों के मुताबिक, विजय की अपनी पार्टी TVK के पास 108 विधायक हैं। इस संख्या को पूर्ण बहुमत तक पहुंचाने में सहयोगी दलों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। CPI और CPI(M) के 2-2 विधायक, VCK के 4 विधायक और कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन मिलने के बाद यह संख्या अब 121 तक पहुंच गई है, जो कि अनिवार्य 118 के आंकड़े से कहीं अधिक है।

तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात

यदि विजय सफलतापूर्वक सरकार का गठन कर लेते हैं, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में दशकों पुरानी ‘DMK बनाम AIADMK’ की जंग को एक नया मोड़ देगा। सुपरस्टार विजय की यह जीत न केवल उनकी लोकप्रियता को साबित करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जनता अब नए विकल्पों की तलाश में है। छोटे दलों का विजय के प्रति झुकाव यह दर्शाता है कि वे राज्य के विकास और सामाजिक न्याय के एजेंडे पर विजय के विजन के साथ चलने को तैयार हैं। अब सबकी निगाहें राजभवन पर टिकी हैं कि राज्यपाल आगामी दावों पर क्या रुख अपनाते हैं और विजय कब आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हैं।

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