Vijay CBI Summons: करूर भगदड़ केस में विजय की बढ़ीं मुश्किलें, CBI ने पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया

करूर भगदड़: सीबीआई के चक्रव्यूह में फंसे थलपति विजय, क्या दिल्ली में होगी बड़ी कार्रवाई? तमिलनाडु के करूर में हुई उस भयावह भगदड़ ने, जिसमें 41 मासूमों की जान चली गई थी, अब एक नया मोड़ ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही सीबीआई जांच के तहत अब खुद अभिनेता और TVK प्रमुख विजय को दिल्ली तलब किया गया है। क्या विजय के पास उन सवालों के जवाब हैं जो सीबीआई पूछने वाली है?

Vijay CBI Summons

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 6, 2026

Vijay CBI Summons: तमिलनाडु के करूर में हुई दर्दनाक भगदड़ के मामले में अभिनेता और तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) के प्रमुख विजय की परेशानियां बढ़ती नजर आ रही हैं। इस मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने विजय को औपचारिक नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन्हें 12 जनवरी को नई दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा गया है।

Vijay CBI Summons: CBI ने क्यों बुलाया विजय को

सूत्रों के अनुसार, CBI अब इस मामले में जांच को अंतिम चरण में ले जाने की तैयारी कर रही है। एजेंसी पहले ही TVK के कई शीर्ष नेताओं और आयोजकों से पूछताछ कर चुकी है। अब पार्टी प्रमुख और रैली के मुख्य चेहरा रहे विजय से सवाल-जवाब करने के बाद CBI चार्जशीट दाखिल करने को लेकर अंतिम फैसला ले सकती है।

Vijay CBI Summons: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई CBI जांच

गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने करूर भगदड़ मामले की जांच CBI को सौंप दी थी। इसके बाद एजेंसी ने राज्य पुलिस से केस से जुड़े दस्तावेज और सबूत अपने कब्जे में लिए। जांच के दौरान भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा इंतजाम और आयोजन से जुड़ी जिम्मेदारियों की गहन समीक्षा की जा रही है।

27 सितंबर 2025 को हुई थी दर्दनाक घटना

यह दुखद हादसा 27 सितंबर 2025 को करूर के वेलुस्वामीपुरम इलाके में हुआ था। उस दिन विजय की पार्टी TVK की एक बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित की गई थी। रैली के दौरान अचानक मची भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। यह घटना राज्य की राजनीति में लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही।

भगदड़ के पीछे बताए गए कई कारण

जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भगदड़ के पीछे कई वजहें सामने आईं। इनमें खराब भीड़ प्रबंधन, सीमित प्रवेश और निकास मार्ग, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था का अभाव और कार्यक्रम स्थल पर विजय के पहुंचने में देरी जैसे कारण शामिल बताए गए। इन्हीं पहलुओं को आधार बनाकर CBI जिम्मेदारी तय करने की कोशिश कर रही है।

राजनीतिक करियर की शुरुआत में बड़ा झटका

इस रैली के जरिए विजय ने विधानसभा चुनावों से पहले अपनी पार्टी के राजनीतिक अभियान की शुरुआत की थी। हालांकि, भगदड़ की घटना के बाद उन्हें भारी आलोचना का सामना करना पड़ा। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने आयोजन में लापरवाही का आरोप लगाया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

पीड़ित परिवारों से मिलकर मांगी थी माफी

घटना के कुछ हफ्तों बाद विजय ने करूर जाकर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने इस हादसे के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की थी। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों इसके लिए बेहतर व्यवस्थाओं का भरोसा भी दिलाया था।

आगे क्या हो सकता है

अब CBI द्वारा विजय से पूछताछ के बाद इस मामले में बड़ा कानूनी कदम उठाया जा सकता है। यदि एजेंसी को पर्याप्त सबूत मिलते हैं, तो चार्जशीट दाखिल होने की संभावना है। ऐसे में यह मामला न सिर्फ कानूनी बल्कि राजनीतिक रूप से भी विजय और उनकी पार्टी के लिए अहम साबित हो सकता है।

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