R. Nallakannu Passes Away: कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) के वरिष्ठ नेता R. Nallakannu का बुधवार को 101 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले 22 दिनों से चेन्नई स्थित Rajiv Gandhi Government General Hospital में भर्ती थे। सोमवार को उनकी तबीयत अचानक अधिक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें गहन चिकित्सा निगरानी में रखा गया। डॉक्टरों की लगातार कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने की थी मुलाकात
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री M. K. Stalin ने हाल ही में अस्पताल पहुंचकर नल्लाकन्नू का हालचाल जाना था। उन्होंने परिवार के सदस्यों और डॉक्टरों से भी बातचीत की थी। मुख्यमंत्री ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य ने एक महान समाजवादी विचारक और जननेता को खो दिया है, जिनकी सादगी और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।
कम्युनिस्ट आंदोलन के अग्रणी स्तंभ
आर. नल्लाकन्नू को भारत में कम्युनिस्ट आंदोलन का एक प्रमुख स्तंभ माना जाता था। वे उन अंतिम जीवित नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने देश में वामपंथी आंदोलन की नींव मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। दशकों तक सक्रिय राजनीति में रहते हुए उन्होंने मजदूरों, किसानों और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी। उनका राजनीतिक जीवन संघर्ष, सादगी और सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक रहा।
श्रमिकों और किसानों के अधिकारों के लिए समर्पित जीवन
नल्लाकन्नू ने अपना संपूर्ण जीवन श्रमिकों की भलाई और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने विभिन्न जनआंदोलनों का नेतृत्व किया और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने का कार्य किया। वे अपने सादे जीवन, स्पष्ट विचारधारा और ईमानदार छवि के कारण व्यापक सम्मान पाते थे। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सभी दलों के नेता उनके प्रति आदरभाव रखते थे।
सादगी और नैतिक मूल्यों के लिए जाने जाते थे
आर. नल्लाकन्नू की पहचान एक ऐसे नेता के रूप में थी, जिन्होंने सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और नैतिकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। लंबे सार्वजनिक जीवन के दौरान उन पर कभी किसी तरह का व्यक्तिगत स्वार्थ हावी नहीं हुआ। उन्होंने हमेशा आम जनता के मुद्दों को प्राथमिकता दी और सत्ता से अधिक सिद्धांतों को महत्व दिया। उनके निधन से भारतीय वाम राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है।
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