Venezuela Crisis: वेनेजुएला में मचे भारी राजनीतिक घमासान के बीच अमेरिकी विदेश नीति में विरोधाभास की स्थिति दिखाई दे रही है। रविवार, 4 जनवरी 2026 को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका, वेनेजुएला के रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज में कोई भूमिका नहीं निभाएगा। यह बयान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस विवादास्पद बयान के ठीक एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि निकोलस मादुरो को हटाए जाने के बाद अमेरिका फिलहाल वेनेजुएला को ‘चलाएगा’। रुबियो ने कूटनीतिक कुशलता दिखाते हुए इस बयान को केवल ‘दबाव बनाने की रणनीति’ करार दिया है।
Venezuela Crisis: ट्रंप का ‘शासन’ वाला दावा और अंतरराष्ट्रीय चिंताएं
शनिवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की थी कि वेनेजुएला में एक सुरक्षित और व्यवस्थित सत्ता परिवर्तन सुनिश्चित होने तक अमेरिका वहां का शासन संभालेगा। उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में खलबली मचा दी थी, क्योंकि इसे एक संप्रभु राष्ट्र पर सीधे नियंत्रण के रूप में देखा जा रहा था। आलोचकों ने सवाल उठाए कि क्या अमेरिका 21वीं सदी में उपनिवेशवादी नीति अपना रहा है? इन्ही आशंकाओं को दूर करने के लिए मार्को रुबियो को सामने आना पड़ा, जिन्होंने साफ किया कि अमेरिका का इरादा प्रशासन चलाना नहीं, बल्कि केवल मार्गदर्शन और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
Venezuela Crisis: तेल नाकेबंदी: अमेरिका का सबसे घातक हथियार
विदेश मंत्री रुबियो ने साफ कर दिया है कि भले ही अमेरिका शासन न करे, लेकिन वह वेनेजुएला पर अपनी पकड़ ढीली नहीं होने देगा। उन्होंने घोषणा की कि वेनेजुएला के खिलाफ सख्त तेल नाकेबंदी जारी रहेगी। अमेरिका का मानना है कि प्रतिबंधित तेल टैंकरों की जब्ती और कार्रवाई ही वह सबसे बड़ा साधन है, जिसके जरिए वेनेजुएला की नई अंतरिम सरकार को अपनी नीतियों में बदलाव करने के लिए मजबूर किया जा सकता है। यह नाकेबंदी तब तक प्रभावी रहेगी जब तक अमेरिका के रणनीतिक उद्देश्य पूरे नहीं हो जाते।
ड्रग तस्करी और राष्ट्रीय हितों पर कड़ा रुख
अमेरिकी प्रशासन का तर्क है कि वेनेजुएला का तेल उद्योग अब तक केवल कुछ भ्रष्ट नेताओं की जेब भर रहा था। रुबियो ने जोर देकर कहा कि अमेरिका का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि तेल से होने वाली आय वेनेजुएला की जनता के काम आए। इसके साथ ही, ड्रग तस्करी को रोकना अमेरिका की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि वेनेजुएला में वर्तमान में सत्ता संभाल रहे लोगों के कामकाज के आधार पर ही भविष्य की अमेरिकी नीतियां तय होंगी। अमेरिका का प्रत्येक कदम उसके अपने ‘राष्ट्रीय हितों’ को सर्वोपरि रखकर उठाया जाएगा।
मादुरो की गिरफ्तारी और न्यूयॉर्क की अदालत में पेशी
वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को कराकस के एक सैन्य बेस से अमेरिकी विशेष अभियान के जरिए हिरासत में लिया गया है। इस समय दोनों अमेरिका की हिरासत में हैं, जहां उन पर नार्को-टेररिज्म (ड्रग तस्करी) और साजिश के गंभीर आरोप लगे हैं। सोमवार को मादुरो को न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में पेश किया जाएगा। अमेरिकी अभियोजकों का दावा है कि मादुरो सरकार एक अवैध ड्रग कार्टेल की तरह काम कर रही थी। इस पूरी कार्रवाई को मादुरो समर्थकों ने एक ‘साम्राज्यवादी अपहरण’ करार दिया है।
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