QR कोड और चिप वाली स्मार्ट आरसी से सुरक्षित होगा वाहन डेटा

लखनऊ उत्तर प्रदेश में एक अगस्त 2026 से वाहनों की पेपर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) की जगह क्यूआर कोड और चिप से लैस स्मार्ट कार्ड आरसी जारी की जाएगी। परिवहन विभाग ने इसकी पूरी तैयारियां कर ली हैं। बता दें कि अब तक प्रदेश में वाहनों की कागजी आरसी ही जारी की जाती थी, लेकिन अब इसकी जगह स्मार्ट कार्ड आरसी की व्यवस्था लागू की जा रही है। इस स्मार्ट कार्ड में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक चिप और क्यूआर कोड के जरिए वाहन से जुड़ी जानकारियां अधिक सुरक्षित रहेंगी और उनका सत्यापन भी आसानी से हो सकेगा। स्मार्ट कार्ड आरसी प्राप्त करने के

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Published On :

जुलाई 31, 2026

लखनऊ
उत्तर प्रदेश में एक अगस्त 2026 से वाहनों की पेपर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) की जगह क्यूआर कोड और चिप से लैस स्मार्ट कार्ड आरसी जारी की जाएगी। परिवहन विभाग ने इसकी पूरी तैयारियां कर ली हैं।

बता दें कि अब तक प्रदेश में वाहनों की कागजी आरसी ही जारी की जाती थी, लेकिन अब इसकी जगह स्मार्ट कार्ड आरसी की व्यवस्था लागू की जा रही है। इस स्मार्ट कार्ड में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक चिप और क्यूआर कोड के जरिए वाहन से जुड़ी जानकारियां अधिक सुरक्षित रहेंगी और उनका सत्यापन भी आसानी से हो सकेगा।

स्मार्ट कार्ड आरसी प्राप्त करने के लिए वाहन स्वामी को संबंधित पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके साथ भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा।

परिवहन विभाग ने 25 जुलाई तक सभी आवश्यक उपकरण और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित कर दिया है, ताकि 1 अगस्त से पूरे प्रदेश में स्मार्ट कार्ड आरसी जारी करने की व्यवस्था सुचारू रूप से लागू की जा सके।

Smart RC व्यवस्था में क्या बदलाव होने जा रहा?
1 अगस्त सेपुरानी कागजी आरसी की जगह एटीएम कार्ड के आकार की नई स्मार्ट आरसी जारी की जाएगी। इस कार्ड में क्यूआर कोड और एक खास इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होगी, जिसकी मदद से ट्रैफिक पुलिस और संबंधित अधिकारी वाहन से जुड़ी सभी जानकारियां तुरंत और डिजिटल रूप में स्कैन कर सकेंगे।

Smart RC में QR Code और इलेक्ट्रॉनिक चिप का क्या काम होगा?
UP Transport Department | परिवहन विभाग का मानना है कि स्मार्ट आरसी में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक चिप मुख्य रूप से वाहन और उसके मालिक का संपूर्ण डेटा सुरक्षित रूप से स्टोर करने का काम करती है। इसमें वाहन का इंजन नंबर, चेसिस नंबर, फ्यूल टाइप और मालिक का नाम-पता डिजिटल रूप में एन्क्रिप्टेड रहता है।

इस चिप में दर्ज जानकारी से किसी भी तरह की छेड़छाड़ या फर्जीवाड़ा करना लगभग न के बराबर है, जिससे नकली कागजात बनाने वाले गिरोहों पर भी लगाम लग सकेगी।

इसके अलावा, क्यूआर कोड ऑन-द-स्पॉट डॉक्यूमेंट के सत्यापन के लिए दिया गया है। जैसे कि चेकिंग के दौरान अब अधिकारियों को बार-बार लंबा रजिस्ट्रेशन नंबर टाइप करने की जरूरत नहीं होगी।

वे अपने मोबाइल या हैंडहेल्ड स्कैनर से क्यूआर कोड को तुरंत स्कैन करेंगे। इसके बाद क्यूआर कोड स्कैन होते ही यह वाहन सारथी के केंद्रीय डेटाबेस से कनेक्ट होकर यह स्पष्ट कर देगा कि गाड़ी का बीमा, पीयूसी और आरसी वैध है या नहीं।