Haryana News: पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय खेल महोत्सव में गुरुकुल कुरुक्षेत्र के छात्र वत्सल आर्य ने बेहतरीन प्रदर्शन कर संस्थान का नाम रोशन किया। 1 से 3 मई तक चले इस खेल आयोजन में वत्सल ने मल्लखंभ प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय देते हुए प्रदेश स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि से गुरुकुल परिवार में खुशी का माहौल है।
वत्सल की सफलता पर उन्हें सम्मानित भी किया गया। पंजाब के पूर्व एडवोकेट जनरल अनमोल रत्न सिद्धू ने उन्हें पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया। इस सम्मान ने छात्र के आत्मविश्वास को और बढ़ाया तथा अन्य विद्यार्थियों को भी खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
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गुरुकुल प्रशासन ने दी शुभकामनाएं
वत्सल आर्य की इस उपलब्धि पर गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्रधान राजकुमार गर्ग, निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. प्रवीण कुमार, प्राचार्य सूबे प्रताप तथा व्यवस्थापक रामनिवास आर्य ने छात्र और उसके कोच अनिल आर्य को बधाई दी। संस्थान पहुंचने पर वत्सल का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि वत्सल ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे गुरुकुल का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी सक्रिय भाग लेना चाहिए, क्योंकि इससे उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है।
पारंपरिक भारतीय खेलों को मिला बढ़ावा

गुरुकुल के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. प्रवीण कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पंजाब यूनिवर्सिटी और खेलो इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में पांचवें भारतीय पारंपरिक खेल एवं खेलकूद महोत्सव का आयोजन किया गया था। इस महोत्सव का उद्देश्य देश की पारंपरिक खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और युवाओं को भारतीय खेलों के प्रति जागरूक करना था।
प्रतियोगिता में 15 से अधिक पारंपरिक खेलों को शामिल किया गया। इनमें गतका, मल्लखंभ, मल्लयुद्ध, गिल्ली-डंडा, कबड्डी, खो-खो, लाठी, रस्सीकूद और योग जैसी प्रतियोगिताएं प्रमुख रहीं। देशभर से आए खिलाड़ियों ने इन खेलों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
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मल्लखंभ में दिखाई अद्भुत प्रतिभा
मल्लखंभ प्रतियोगिता में वत्सल आर्य ने कठिन अभ्यास और शानदार संतुलन का परिचय दिया। उनके प्रदर्शन को निर्णायकों और दर्शकों ने खूब सराहा। प्रतियोगिता में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच तीसरा स्थान हासिल करना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
कोच अनिल आर्य ने बताया कि वत्सल पिछले काफी समय से लगातार अभ्यास कर रहे थे और उनकी मेहनत का परिणाम अब सामने आया है। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह समर्पण और अनुशासन बना रहा तो भविष्य में वत्सल राष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
खेलों से होता है व्यक्तित्व विकास
कार्यक्रम के दौरान ब्रिगेडियर डॉ. प्रवीण कुमार ने विद्यार्थियों को खेलों के महत्व के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह बच्चों में अनुशासन, टीम भावना और भाईचारे की भावना भी विकसित करते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों में भी हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। उनके अनुसार खेल बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं और जीवन में चुनौतियों का सामना करने की क्षमता प्रदान करते हैं।










