Varanasi Air Show: काशी में राफेल-सुखोई का शक्ति प्रदर्शन, गंगा के ऊपर दिखा तिरंगे का अद्भुत नजारा

वाराणसी के नमो घाट पर ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो में भारतीय वायुसेना के राफेल, सुखोई और हेलीकॉप्टरों ने शानदार प्रदर्शन किया। गंगा के ऊपर तिरंगे के रंगों से सजे आसमान, कमांडो की कार्रवाई और कथक की प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया। एयर शो के चलते मालवीय पुल बंद होने से यातायात भी प्रभावित हुआ।

Varanasi Air Show

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 22, 2026

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Varanasi Air Show: वाराणसी में गंगा के ऊपर ‘विंग्स ओवर गंगा’ थीम पर भारतीय वायुसेना का हवाई प्रदर्शन शुरू होते ही लोगों का उत्साह देखने लायक रहा। नमो घाट, राजघाट और आसपास के दूसरे घाटों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी। हर कोई आसमान में उड़ते लड़ाकू विमानों की कलाबाजियां देखने के लिए उत्सुक था। सुबह करीब 10 बजे तक कई रास्तों पर जाम जैसी स्थिति बन गई। वहीं, नमो घाट और आसपास के इलाकों में देशभक्ति के गीत गूंजते रहे।

राफेल और सुखोई की गर्जना से गूंजा गंगा का आसमान

राफेल और सुखोई की गर्जना से गूंजा गंगा का आसमान

बताते चले कि, एयर शो में राफेल और सुखोई जैसे लड़ाकू विमानों के करतब लोगों के लिए खास आकर्षण रहे। दोपहर 12 बजे के बाद सुखोई विमानों ने शानदार हवाई प्रदर्शन किया। इससे पहले सूर्यकिरण टीम के तीन विमानों ने ‘वी’ आकार में उड़ान भरते हुए विजय का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। विमानों ने गंगा के ऊपर तिरंगे के रंगों से आसमान को सजाया तो घाटों पर मौजूद दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाया। राफेल विमान ने भी तेजी से दिशा बदलते हुए और अलग-अलग हवाई करतब दिखाकर लोगों का ध्यान खींचा।

हेलीकॉप्टरों की उड़ान और कमांडो का प्रदर्शन बना आकर्षण

एयर शो के दौरान सिर्फ लड़ाकू विमान ही नहीं, हेलीकॉप्टर और कमांडो का प्रदर्शन भी लोगों के लिए खास रहा। दोपहर करीब 12:30 बजे हेलीकॉप्टर से गंगा में मौजूद एक जलयान पर कमांडो रस्सियों के सहारे नीचे उतरे। इसके बाद उन्होंने अपनी पोजीशन संभाली। जवानों की इस फुर्ती और तालमेल को देखकर दर्शकों ने तालियां बजाईं। वहीं, सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने भी अपनी उड़ान कला दिखाई। हेलीकॉप्टरों की कतार और तिरंगे के रंगों में किए गए प्रदर्शन ने माहौल को देशभक्ति से भर दिया।

अमिताभ बच्चन की आवाज और कथक ने बांधा समां

नमो घाट पर आयोजित कार्यक्रम में विमानों के करतबों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देखने को मिलीं। महानायक अमिताभ बच्चन की आवाज के साथ कथक नृत्यांगनाओं ने देशभक्ति से जुड़ी भावपूर्ण प्रस्तुति दी। गंगा की लहरों पर पड़ती सूरज की किरणों और आसमान में उड़ते विमानों ने आयोजन को खास बना दिया। छुट्टी का दिन होने के कारण बड़ी संख्या में परिवार और बच्चे भी इस नजारे को देखने पहुंचे। कई लोग अपने घरों की छतों से गुजरते विमानों को देखते रहे और उनके बारे में चर्चा करते नजर आए।

100 विमानों के प्रदर्शन में कई खास फॉर्मेशन

भारतीय वायुसेना के मुताबिक, ‘विंग्स ओवर गंगा’ हवाई प्रदर्शन में कुल 100 विमान शामिल होने की योजना थी। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक ऐतिहासिक विमान शामिल बताए गए। कार्यक्रम में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, तेजस और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों के साथ कई तरह के हेलीकॉप्टरों की भागीदारी रखी गई। काशी की सांस्कृतिक और पौराणिक पहचान को ध्यान में रखते हुए फॉर्मेशन के नाम भी रखे गए, जिनमें केदार, गंगा, रुद्र, भागीरथी, त्रिदेव, कैलाश और विश्वनाथ शामिल हैं।

मालवीय पुल बंद होने से दूसरे रास्तों पर बढ़ा ट्रैफिक

मालवीय पुल बंद होने से दूसरे रास्तों पर बढ़ा ट्रैफिक

एयर शो के दौरान सुरक्षा और आयोजन की व्यवस्था को देखते हुए मालवीय पुल पर सुबह 9 बजे से आवाजाही रोक दी गई। इसके कारण इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को दूसरे मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ा। वैकल्पिक रास्तों पर वाहनों की संख्या बढ़ने से शहर के कई हिस्सों में यातायात का दबाव भी बढ़ गया। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। प्रशासन के मुताबिक, एयर शो के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

भारतीय वायुसेना की ताकत और युवाओं को प्रेरित करने का उद्देश्य

भारतीय वायुसेना ने बताया कि यह आयोजन उसकी सेवा के 94 वर्ष पूरे होने के अवसर पर किया जा रहा है। गंगा के ऊपर होने वाले इस हवाई प्रदर्शन का मकसद वायुसेना की क्षमता और पेशेवर दक्षता दिखाने के साथ युवाओं को प्रेरित करना भी है। कार्यक्रम में वायुसेना के गरुड़ विशेष बल की भागीदारी भी रखी गई। काशी में पहली बार इस तरह के पौराणिक थीम पर आधारित एयर शो को लेकर लोगों में खास उत्साह देखने को मिला। दोपहर करीब 2 बजे के बाद कार्यक्रम में विराम लगा और घाटों से दर्शकों की वापसी शुरू हो गई।