
UP News: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं को रिश्तों और उनकी जिम्मेदारियों को लेकर अहम संदेश दिया है। लखनऊ स्थित महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के सातवें दीक्षांत समारोह में उन्होंने कहा कि गर्लफ्रेंड बनाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन अगर किसी से शादी करने का वादा किया है, तो उसे निभाना भी जरूरी है। उनका कहना था कि रिश्तों में सिर्फ वादे करना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें पूरा करने की जिम्मेदारी भी समझनी चाहिए।
शादी और परिवार की जिम्मेदारी समझें युवा

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि युवाओं को पहले अपने पैरों पर खड़ा होना चाहिए। उन्हें अपनी पढ़ाई, करियर और भविष्य पर ध्यान देना चाहिए, ताकि आगे चलकर वे परिवार की जिम्मेदारियां ठीक से उठा सकें। उनके संदेश का जोर इस बात पर रहा कि युवाओं को कोई भी फैसला लेने से पहले उसके नतीजों के बारे में सोचना चाहिए। रिश्तों में गंभीरता और जिम्मेदारी का भाव होना जरूरी है।
कम उम्र में लड़कियों को मां बनाकर छोड़ने पर उठाए सवाल
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कम उम्र में लड़कियों को मां बनाकर छोड़ देने की प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 13-14 साल की उम्र में किसी लड़की को मां बनाकर छोड़ देना सही नहीं है। युवाओं को अपने व्यवहार और फैसलों के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए। उनके मुताबिक, समाज में गलत गतिविधियों को रोकने के लिए भी युवाओं को आगे आना होगा। यह केवल किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है कि बच्चों और युवाओं को सुरक्षित माहौल मिले।
अच्छे विचार अपनाएं, गलत काम करने वालों को भी रोकें

आनंदीबेन पटेल ने युवाओं से अपील की कि वे खुद गलत कामों में शामिल न हों और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकें। उन्होंने कहा कि युवाओं को अच्छे लोगों के साथ रहना चाहिए और अच्छे विचारों को अपनाना चाहिए। अपनी बात समझाने के लिए उन्होंने पानी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अगर पानी में लगातार गंदगी डाली जाएगी, तो वह दूषित हो जाएगा। लेकिन उसे साफ रखने की कोशिश की जाए, तो वह शुद्ध बना रह सकता है। इसी तरह समाज में अच्छे विचारों और सही ज्ञान को बढ़ावा देना जरूरी है।
गरीब बच्चों को शिक्षा और कौशल से बनाएं आत्मनिर्भर
राज्यपाल ने विकसित भारत के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का सही इस्तेमाल होना चाहिए। युवाओं के ज्ञान और मेहनत को देश के विकास से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए केवल आर्थिक मदद देना पर्याप्त नहीं है। उन्हें अच्छी शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के अवसर भी मिलने चाहिए। इससे बच्चे अपने पैरों पर खड़े हो सकेंगे और भविष्य में आत्मनिर्भर बन पाएंगे।
AI और आधुनिक तकनीक से नए अवसर तलाशें युवा

अपने संबोधन के आखिरी हिस्से में राज्यपाल ने युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI और डेटा के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के जरिए नए अवसर तलाशे जा सकते हैं। युवाओं को इन तकनीकों का उपयोग केवल अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी करना चाहिए। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में युवाओं के ज्ञान, मेहनत और तकनीकी समझ को अहम बताया।
युवाओं के लिए राज्यपाल का संदेश
महर्षि यूनिवर्सिटी के सातवें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के संबोधन में रिश्तों की जिम्मेदारी से लेकर शिक्षा, सामाजिक व्यवहार और तकनीक तक कई मुद्दे शामिल रहे। उनके संदेश का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि युवा अपने फैसले सोच-समझकर लें, गलत गतिविधियों से दूर रहें, जरूरतमंद बच्चों को आगे बढ़ाने में योगदान दें और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल देश के विकास के लिए करें।











