Varanasi Ropeway: धार्मिक नगरी वाराणसी में यातायात की पुरानी समस्याओं को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। वाराणसी में जल्द ही भारत की पहली और दुनिया की तीसरी सार्वजनिक परिवहन रोपवे सेवा शुरू होने जा रही है। इस परियोजना के शुरू होने से शहर के मुख्य इलाकों के बीच का सफर घंटों के बजाय अब महज कुछ मिनटों का रह जाएगा। स्थानीय निवासियों के साथ-साथ काशी आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों के लिए यह सुविधा एक वरदान साबित होगी, जो शहर की भीड़भाड़ से राहत देते हुए एक तेज और सुखद यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी।
रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक का रोपवे किराया
बताते चले कि, वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए किराये का ढांचा निर्धारित कर दिया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वाराणसी छावनी (कैंट) रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक की लगभग 4 किलोमीटर की दूरी के लिए यात्रियों को 50 रुपये का शुल्क देना होगा। सामान्य यात्रियों की सुविधा के लिए ‘स्मार्ट पास’ की व्यवस्था भी की गई है, जिसके माध्यम से यह पूरी यात्रा 40 रुपये में ही संभव होगी। इसके अलावा, विद्यापीठ से रथयात्रा स्टेशन जैसे छोटे सफर के लिए न्यूनतम किराया मात्र 8 रुपये रखा गया है।
स्मार्ट आवागमन और प्रीमियम गोंडोला सेवा के विकल्प
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रोपवे में प्रीमियम श्रेणियों का भी प्रावधान किया गया है। यदि कोई पर्यटक या समूह निजी अनुभव चाहता है, तो उनके लिए ‘प्रीमियम गोंडोला सेवा’ उपलब्ध होगी, जिसका किराया 2,000 रुपये प्रति यात्रा तय किया गया है। वहीं, यदि कोई संस्था या समूह पहले से ही पूरी गोंडोला प्री-बुक करता है, तो उन्हें प्रति यात्रा 1,200 रुपये का विशेष शुल्क देना होगा। इस तरह की सेवा से पर्यटकों को एक सुरक्षित और निजी यात्रा का विकल्प मिलेगा।
रोपवे के समय की बचत और यात्रा का सुगम अनुभव
वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि रोपवे सेवा समय बचाने के मामले में बेहद कारगर साबित होगी। जहां वर्तमान में सड़क मार्ग से छावनी से गोदौलिया तक पहुंचने में 30 से 45 मिनट का समय लगता है, वहीं रोपवे के जरिए यह सफर महज 15 से 16 मिनट में पूरा हो जाएगा। यात्रियों की अतिरिक्त सुविधा के लिए छावनी रेलवे स्टेशन पर लॉकर रूम की व्यवस्था भी की जा रही है, जहाँ टिकटधारक शुरुआती दो घंटे तक अपना सामान मुफ्त में रख सकेंगे। इसके बाद 15 किलो तक के वजन पर प्रति घंटा 50 रुपये का मामूली शुल्क देय होगा।
हर साल बढ़ेगा रोपवे किराया
इस सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशासन ने वार्षिक किराया वृद्धि की नीति भी तय की है। इसके तहत हर वर्ष 1 अप्रैल से किराये में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। लगभग 4.2 किलोमीटर लंबा यह रोपवे, जो कैंट स्टेशन को सीधे चर्च स्क्वायर (गोदौलिया) से जोड़ेगा, न केवल काशी की परिवहन व्यवस्था में आधुनिकता लाएगा बल्कि पर्यटन को भी नई गति प्रदान करेगा। यह परियोजना वाराणसी की ऐतिहासिक पहचान को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर शहर को एक वैश्विक स्तर की सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक प्रयास है।










