Vande Mataram Row: राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में राष्ट्रगीत के शुरुआती दो पद गाने के प्रस्ताव के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। अब कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बीजेपी और आरएसएस पर तीखा हमला बोलते हुए कई सवाल खड़े किए हैं। उनके बयान के बाद वंदे मातरम विवाद ने राजनीतिक रंग और गहरा कर लिया है।
पवन खेड़ा का BJP पर हमला, ‘वंदे मातरम’ को लेकर उठाए सवाल
मीडिया से बातचीत में पवन खेड़ा ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज आरएसएस और बीजेपी कांग्रेस को ‘वंदे मातरम’ का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उनकी भूमिका पर सवाल उठाए जाने चाहिए। पवन खेड़ा ने अपने बयान में महात्मा गांधी, विनायक दामोदर सावरकर और नाथूराम गोडसे का भी जिक्र किया। उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रगीत को लेकर किए जा रहे हमलों को राजनीतिक मुद्दा करार दिया।
‘देशद्रोही हमें वंदे मातरम सिखाएंगे?’ पवन खेड़ा की तीखी टिप्पणी
बताते चले कि, पवन खेड़ा ने अपने बयान में बेहद तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अगर आज बीजेपी और आरएसएस कांग्रेस को ‘वंदे मातरम’ के बारे में बताने आए हैं तो सवाल उठता है कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वे कहां थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाने वाले लोग देश के उन नेताओं की विरासत पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। खेड़ा ने इसी क्रम में बीजेपी पर ‘देशद्रोही’ जैसे तीखे शब्दों के जरिए हमला बोला।
वंदे मातरम पर कांग्रेस का 1937 वाला प्रस्ताव क्या है?
दरअसल, विवाद की शुरुआत कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बुधवार को हुई बैठक के बाद हुई। बैठक में कांग्रेस के आधिकारिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती दो पद गाए जाने के 1937 के प्रस्ताव को लागू करने का फैसला लिया गया। कांग्रेस का कहना है कि यह फैसला ऐतिहासिक संदर्भों और पार्टी की पुरानी परंपरा के अनुरूप है। हालांकि, बीजेपी ने कांग्रेस के इस निर्णय को राजनीतिक मुद्दा बना दिया है और पार्टी पर सवाल खड़े किए हैं।
BJP ने कांग्रेस पर लगाया तुष्टीकरण का आरोप
कांग्रेस के फैसले पर बीजेपी की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर कांग्रेस पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति के लिए देश के स्वाभिमान से समझौता करने का आरोप लगाया। बीजेपी का कहना है कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश की राष्ट्रीय भावना और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा प्रतीक है।
BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस को घेरा
वंदे मातरम विवाद में बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भी कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस के फैसले को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी अब सही मायने में मुस्लिम लीग जैसी हो गई है। बीजेपी नेताओं के इन बयानों के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। दोनों दल अब राष्ट्रगीत को लेकर अपने-अपने राजनीतिक और वैचारिक पक्ष को जनता के सामने रख रहे हैं।
कांग्रेस ने कहा- राष्ट्रगीत भावनात्मक मुद्दा, BJP के लिए राजनीतिक
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी विवाद पर पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत कांग्रेस के लिए भावनात्मक विषय हैं, जबकि बीजेपी इन्हें राजनीतिक मुद्दे के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती दो पदों को लेकर लिया गया फैसला किसी तरह से राष्ट्रगीत का अपमान नहीं है, बल्कि ऐतिहासिक प्रस्ताव को लागू करने की कोशिश है।
वंदे मातरम विवाद में इतिहास से लेकर वोट बैंक तक की सियासत
अब ‘वंदे मातरम’ को लेकर शुरू हुआ विवाद केवल गीत के पदों तक सीमित नहीं रह गया है। कांग्रेस जहां इसे ऐतिहासिक परंपरा और भावनात्मक जुड़ाव का विषय बता रही है, वहीं बीजेपी इसे राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय सम्मान से जोड़ रही है। पवन खेड़ा के बयान और बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने इस विवाद को और धार दे दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद से लेकर राजनीतिक मंचों तक ‘वंदे मातरम’ पर सियासी बहस और तेज होने के आसार हैं।










