Haryana News: सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत, आयुष उपचार पर मिलेगा खर्च वापस

हरियाणा सरकार की आयुष चिकित्सा प्रतिपूर्ति नीति से सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को बड़ी राहत मिली है। आयुर्वेद, योग, होम्योपैथी, यूनानी और अन्य आयुष पद्धतियों से इलाज कराने पर निर्धारित नियमों के तहत खर्च की प्रतिपूर्ति मिलेगी। सरकार ने 18 अस्पतालों को इस योजना से जोड़ा है।

सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 20, 2026

Haryana News: हरियाणा सरकार पारंपरिक और वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार की आयुष चिकित्सा प्रतिपूर्ति नीति सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों के लिए राहत लेकर आई है। इस नीति के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को आयुष पद्धति से उपचार कराने पर चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति की सुविधा प्रदान की जा रही है।

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आयुष चिकित्सा को मिल रहा बढ़ावा

राज्य सरकार केवल एलोपैथिक चिकित्सा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को भी स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रही है। सरकार का मानना है कि इन चिकित्सा पद्धतियों के जरिए लोगों को बेहतर और समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि आयुष क्षेत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सरकार लगातार प्रयास कर रही है, ताकि लोगों को उपचार के अधिक विकल्प मिल सकें और वे अपनी आवश्यकता के अनुसार चिकित्सा पद्धति का चयन कर सकें।

आयुष चिकित्सा प्रतिपूर्ति नीति से मिल रहा लाभ

मई 2023 में लागू की गई आयुष चिकित्सा प्रतिपूर्ति नीति का फायदा अब बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को मिल रहा है। इस योजना के तहत यदि कोई पात्र व्यक्ति आयुष पद्धति के माध्यम से इलाज कराता है, तो निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार वह अपने उपचार पर हुए खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए दावा कर सकता है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य आयुष चिकित्सा को बढ़ावा देना और लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे बिना अतिरिक्त वित्तीय बोझ के वैकल्पिक चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठा सकें।

निजी और विशेषज्ञ अस्पतालों को किया गया सूचीबद्ध

आयुष विभाग ने नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कई निजी और विशेषज्ञ अस्पतालों को भी इससे जोड़ा है। विभाग की ओर से अब तक 18 अस्पतालों को एम्पैनल्ड किया जा चुका है। इन अस्पतालों में पात्र लाभार्थी आयुष चिकित्सा पद्धतियों के तहत उपचार प्राप्त कर सकते हैं। इलाज पूरा होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए वे चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं।

कैसे मिलेगी खर्च वापसी की सुविधा

सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार लाभार्थियों को उपचार से संबंधित दस्तावेज, बिल और अन्य आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे। दस्तावेजों की जांच के बाद पात्रता के आधार पर चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति की जाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचे।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में कदम

हरियाणा सरकार की यह पहल आयुष चिकित्सा प्रणाली को मुख्यधारा में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे न केवल आयुष पद्धतियों पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी उपचार के अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे। सरकार का मानना है कि आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ पारंपरिक उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देकर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। आयुष चिकित्सा प्रतिपूर्ति नीति इसी सोच का हिस्सा है, जो लाभार्थियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ आर्थिक राहत भी प्रदान कर रही है।

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