Vande Mataram: कांग्रेस पार्षदों की बढ़ी मुश्किलें, वंदे मातरम विवाद में अब FIR के बाद कार्रवाई

वंदे मातरम पर रार: इंदौर में राष्ट्रगीत के दौरान चुप रहना कांग्रेस की दो महिला पार्षदों को पड़ा भारी! पुलिस ने दर्ज की FIR और शुरू की सघन पूछताछ। क्या यह महज एक राजनीतिक विरोध था या कानून का उल्लंघन? इस हाई-वोल्टेज विवाद के पीछे की पूरी सच्चाई और पुलिसिया कार्रवाई की हर अपडेट यहाँ देखें।

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अप्रैल 15, 2026

Vande Mataram: इंदौर में बंदे मातरम को लेकर हुए विवाद ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। नगर निगम के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रीय गीत गाने से इनकार करने पर दो कांग्रेस महिला पार्षदों के खिलाफ पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज किया है। यह मामला अब सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोपों तक पहुंच गया है।

Draupadi Murmu AIIMS Nagpur Convocation Speech: AIIMS नागपुर दीक्षांत समारोह, राष्ट्रपति मुर्मू ने डॉक्टरों को दिया सफलता का मूल मंत्र

बजट बैठक में हुआ विवाद

यह घटना 8 अप्रैल को इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान हुई। बैठक में कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम ने धार्मिक कारणों का हवाला देते हुए ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार कर दिया। उनके इस रुख का समर्थन एक अन्य पार्षद रुबीना इकबाल खान ने भी किया, जिन्होंने राष्ट्रीय गीत गाने से साफ मना कर दिया। यह मुद्दा बैठक के दौरान चर्चा का केंद्र बन गया और राजनीतिक विवाद में बदल गया।

पुलिस कार्रवाई और FIR दर्ज

इस मामले में मिली शिकायत के आधार पर एमजी रोड थाने में जांच शुरू की गई। जांच के बाद पुलिस ने दोनों पार्षदों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 के तहत मामला दर्ज किया। यह धारा उन मामलों में लगाई जाती है, जहां किसी कृत्य से अलग-अलग समुदायों के बीच आपसी सौहार्द पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका हो।

पूछताछ और बयान दर्ज

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पार्षदों को पूछताछ के लिए तलब किया। सबसे पहले फौजिया शेख अलीम से लगभग चार घंटे तक पूछताछ की गई और उनका बयान दर्ज किया गया।इसके बाद रुबीना खान को भी थाने बुलाया गया, जहां उनसे करीब चार से पांच घंटे तक पूछताछ हुई। बताया गया कि बाद में रुबीना खान ने माफी भी मांगी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज कर दी।

वन खेड़ा की बढ़ी मुश्किलें, SC ने अग्रिम जमानत पर लगाई रोक, तुषार मेहता ने दी अहम दलील

नगर निगम में राजनीतिक तनाव

नगर निगम की बैठक के दौरान यह मुद्दा और अधिक बढ़ गया था। चर्चा के समय दोनों पार्षदों के रुख के बाद सदन में हंगामा भी हुआ। कुछ भाजपा पार्षदों ने इस घटना का विरोध करते हुए नाराजगी जताई। इस पूरे घटनाक्रम ने नगर निगम की बैठक को विवादों में बदल दिया।

पार्षदों के बयान और प्रतिक्रिया

फौजिया शेख अलीम ने बैठक के दौरान सवाल उठाया था कि क्या संविधान में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य किया गया है। वहीं, रुबीना खान ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था कि कोई भी उन्हें मजबूर नहीं कर सकता। इन बयानों के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

इस घटना पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दोनों पार्षदों के व्यवहार पर नाराजगी जताई और इसे अनुचित बताया। सीएम ने यह भी कहा कि इस तरह के मामलों में संबंधित राजनीतिक दल की चुप्पी पर भी सवाल उठते हैं और ऐसे मामलों में स्पष्ट कार्रवाई होनी चाहिए।

अजमेर में पानी सप्लाई बहाल, कई इलाकों को राहत