Vaishakh Month 2026: चैत्र मास के बाद वैशाख मास का आरंभ होता है, जो हिंदू नववर्ष का दूसरा महीना है। इस माह को महापुण्यदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा विशेष फलदायी होती है। साथ ही पवित्र नदियों में स्नान और गरीबों को दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। पंचांग के अनुसार, इस बार वैशाख माह का आरंभ 3 अप्रैल 2026 से हुआ है और इसका समापन 1 मई 2026 को होगा।
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वैशाख माह में क्या करें

भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की नियमित पूजा करें।
देवी तुलसी की आराधना करें और उनके सामने घी का दीपक जलाएं।
गरीबों और जरूरतमंदों को दान दें।
सूर्योदय के बाद सोने से बचें।
जल की बर्बादी न करें और दूसरों से झगड़ा न करें।
घर की शांति के लिए मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं।
सुबह-शाम मंत्र जाप करें और धार्मिक कार्यों में भाग लें।
वैशाख माह में क्या न करें
कांसे के बर्तन में भोजन न करें।
तामसिक भोजन, मांस और मदिरा का सेवन न करें।
तेल मालिश से बचें।
दोपहर में सोने से परहेज करें।
रात में झूठे बर्तन रसोई में न छोड़ें।
नकारात्मक विचारों और कार्यों से दूर रहें।
वैशाख माह के उपाय
पूरे महीने तुलसी माता की पूजा करें और पौधे में जल अर्पित करें। इससे पितृ दोष से मुक्ति मिल सकती है। राहगीरों को पानी पिलाएं और दान करें, इससे पापों से मुक्ति मिलती है। भगवान सूर्य को जल अर्पित करें, इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है। मानसिक शांति के लिए विष्णु और लक्ष्मी जी की उपासना करें। घर की शांति और समृद्धि के लिए रोजाना मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं।
वैशाख माह को धर्म और अध्यात्म के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ, दान और सेवा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। नियमों का पालन करने और उपायों को अपनाने से न केवल पापों से मुक्ति मिलती है बल्कि सुख-समृद्धि और शांति भी प्राप्त होती है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।










