Vaibhav Suryavanshi: वैभव सूर्यवंशी पर रहाणे की दो टूक, IPL और इंटरनेशनल क्रिकेट का बताया बड़ा फर्क

15 साल के वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी ने दुनिया को चौंकाया, लेकिन अजिंक्य रहाणे ने रिटायरमेंट के बाद ऐसा बयान दिया जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। जानिए क्यों रहाणे ने IPL और इंटरनेशनल क्रिकेट के बीच बड़ा अंतर बताया और युवा खिलाड़ी को क्या सलाह दी।

वैभव सूर्यवंशी पर रहाणे की दो टूक

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 6, 2026

Vaibhav Suryavanshi: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। महज 15 वर्ष की उम्र में अपनी प्रतिभा से सभी का ध्यान आकर्षित करने वाले वैभव को लेकर रहाणे का मानना है कि इस समय उन पर जरूरत से ज्यादा उम्मीदों का बोझ डालना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी को बिना अतिरिक्त दबाव के अपने खेल पर ध्यान देने का अवसर मिलना चाहिए।

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आईपीएल से मिली पहचान

वैभव सूर्यवंशी ने बहुत कम उम्र में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में शानदार प्रदर्शन कर क्रिकेट जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने कई अनुभवी गेंदबाजों के खिलाफ निडर बल्लेबाजी करते हुए लगातार प्रभावशाली पारियां खेलीं। यही वजह रही कि भारत ही नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी उनकी जमकर तारीफ की। उनकी निरंतरता और आत्मविश्वास ने यह साबित किया कि उम्र प्रतिभा के सामने मायने नहीं रखती। इसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें भारतीय टीम में भी मौका मिला।

रहाणे बोले- IPL और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा अंतर

एक पॉडकास्ट के दौरान अजिंक्य रहाणे ने कहा कि IPL और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियां बिल्कुल अलग होती हैं। उनके अनुसार, फ्रेंचाइजी क्रिकेट में बल्लेबाज कुछ ओवरों में तेजी से रन बना सकता है, लेकिन जब कोई खिलाड़ी देश के लिए खेलता है तो मानसिक दबाव और परिस्थितियां पूरी तरह बदल जाती हैं। रहाणे ने कहा कि वैभव अभी अपने करियर की शुरुआत में हैं और उन्होंने केवल दो IPL सीजन खेले हैं। ऐसे में उनके भविष्य को लेकर अभी से बड़े-बड़े दावे करना या लगातार तुलना करना उचित नहीं होगा।

अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत रही चुनौतीपूर्ण

वैभव सूर्यवंशी का पहला विदेशी दौरा आयरलैंड था, लेकिन वहां उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली। इसके बाद इंग्लैंड दौरे पर उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिला। हालांकि शुरुआती तीन पारियों में वह अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके और उन्हें टीम से बाहर बैठना पड़ा। बाद में जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने शानदार वापसी की। तीन पारियों में से दो में अर्धशतक लगाकर उन्होंने अपनी बल्लेबाजी क्षमता का परिचय दिया। एक मुकाबले में वह शतक के बेहद करीब भी पहुंचे और अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

मोहम्मद कैफ ने टीम प्रबंधन पर उठाए सवाल

पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ की राय रहाणे से कुछ अलग रही। उन्होंने कहा कि वैभव को आयरलैंड दौरे पर ही पदार्पण का अवसर मिलना चाहिए था। उनका मानना है कि आसान परिस्थितियों में पहला मैच खेलने से युवा खिलाड़ी का आत्मविश्वास बढ़ता और इंग्लैंड जैसी कठिन परिस्थितियों में वह बेहतर प्रदर्शन कर सकता था। कैफ ने यह भी कहा कि शानदार फॉर्म में होने के बावजूद वैभव को शुरुआती मौके नहीं मिले, जिससे उनका आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता था।

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युवा प्रतिभा से भविष्य की उम्मीदें

वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में जिस तरह अपनी बल्लेबाजी से पहचान बनाई है, उससे भारतीय क्रिकेट को भविष्य के लिए बड़ी उम्मीदें हैं। हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए उन्हें समय, धैर्य और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होगी। अजिंक्य रहाणे की सलाह भी यही संकेत देती है कि किसी युवा खिलाड़ी पर अत्यधिक अपेक्षाओं का दबाव बनाने के बजाय उसे स्वाभाविक तरीके से आगे बढ़ने का अवसर देना ही उसके करियर के लिए सबसे बेहतर होगा।