Uttarakhand News: उत्तराखंड में रिटायर्ड अग्निवीरों के लिए खुला सेवा का रास्ता, CM धामी का बड़ा फैसला

उत्तराखंड में अग्निवीरों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। नवंबर 2026 में सेना से सेवानिवृत्त होने वाले पहले बैच के दो जवानों को अब राज्य में सेवा का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 40वीं वाहिनी पीएसी में समायोजन को मंजूरी दी है। जानिए, क्या है पूरा फैसला।

उत्तराखंड में रिटायर्ड अग्निवीरों के लिए खुला सेवा का रास्ता

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 16, 2026

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Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेवानिवृत्त होने जा रहे अग्निवीरों को लेकर अहम निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने भारतीय सेना से नवंबर 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों के पहले बैच के दो जवानों को 40वीं वाहिनी प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) में समायोजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। यह समायोजन वाहिनी में उपलब्ध रिक्त पदों के सापेक्ष किया जाएगा। सरकार के इस कदम से सेना में सेवा देने के बाद इन युवाओं को राज्य में भी काम करने का अवसर मिलेगा।

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नवंबर 2026 में सेवानिवृत्त होगा अग्निवीरों का पहला बैच

अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती हुए अग्निवीरों का पहला बैच नवंबर 2026 में अपनी सैन्य सेवा पूरी कर सशस्त्र बलों से सेवामुक्त होने जा रहा है। इसी सिलसिले में भारत सरकार के संयुक्त सचिव की ओर से उत्तराखंड सरकार को पत्र भेजा गया था। पत्र में राज्य के दो अग्निवीरों के समायोजन की अपेक्षा जताई गई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने प्रस्ताव पर विचार किया और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे अपनी स्वीकृति दे दी।

40वीं वाहिनी पीएसी में मिलेगा सेवा का अवसर

40वीं वाहिनी पीएसी में मिलेगा सेवा का अवसर
40वीं वाहिनी पीएसी में मिलेगा सेवा का अवसर

मुख्यमंत्री की मंजूरी के अनुसार, दोनों अग्निवीरों को 40वीं वाहिनी पीएसी में उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर समायोजित किया जाएगा। इस निर्णय से उन युवाओं को सैन्य सेवा के बाद रोजगार और प्रदेश की सेवा से जुड़ने का अवसर मिलेगा। सेना में प्रशिक्षण के दौरान अग्निवीर अनुशासन, शारीरिक दक्षता, टीमवर्क और जिम्मेदारी निभाने जैसे गुण सीखते हैं। इन अनुभवों का उपयोग राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित जिम्मेदारियों में किया जा सकता है। हालांकि, समायोजन से जुड़ी आगे की प्रक्रिया और औपचारिकताओं का विवरण संबंधित विभागीय व्यवस्था के अनुसार तय होगा।

अग्निवीरों के अनुभव को राज्य के हित में उपयोग करने पर जोर

अग्निवीरों के अनुभव को राज्य के हित में उपयोग करने पर जोर
अग्निवीरों के अनुभव को राज्य के हित में उपयोग करने पर जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू की गई अग्निपथ योजना युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रसेवा और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को मजबूत कर रही है। उनके अनुसार, भारतीय सेना में सेवा के दौरान अग्निवीर जो कौशल, अनुभव और अनुशासन हासिल करते हैं, वह देश की महत्वपूर्ण पूंजी है। राज्य सरकार उनके योगदान और क्षमताओं का सम्मान करती है और चाहती है कि देश की सेवा कर चुके युवाओं को आगे भी प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिले।

युवाओं के भविष्य और रोजगार को लेकर सरकार की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीरों के सैन्य अनुभव, अनुशासन और दक्षता से राज्य को लाभ मिल सकता है। सरकार का प्रयास है कि सेना से सेवा पूरी करने वाले युवाओं के अनुभव का सकारात्मक उपयोग किया जाए और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिलें। उत्तराखंड सरकार ने युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्रसेवा के उनके संकल्प को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। अब इस मंजूरी के बाद 40वीं वाहिनी पीएसी में दोनों अग्निवीरों के समायोजन की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। यह फैसला उत्तराखंड में सैन्य सेवा पूरी करने वाले युवाओं के लिए आगे के अवसरों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।