Ankita Bhandari Murder Case: अंकिता केस में तीनों दोषी जेल में बंद, सीबीआई जांच पर भी पुलिस ने दी जानकारी

अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। पुलिस के मुताबिक, एसआईटी ने 88 दिनों में जांच पूरी कर करीब 500 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था। तीनों दोषियों को आजीवन कठोर कारावास मिला और वे जेल में हैं। इस बीच सीबीआई जांच जारी होने की जानकारी भी सामने आई है।

अंकिता केस में तीनों दोषी जेल में बंद

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 16, 2026

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Ankita Bhandari Murder Case: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। दिल्ली में अंकिता के माता-पिता के आंदोलन और उन्हें हिरासत में लिए जाने की घटना के बाद उत्तराखंड पुलिस ने मामले की जांच और न्यायालय में हुई कार्रवाई का विवरण साझा किया है। एडीजी कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन ने जांच से लेकर दोषियों को सजा मिलने तक के प्रमुख पहलुओं की जानकारी दी।

2022 में ऋषिकेश के पास वनंतरा रिजॉर्ट में हुई थी हत्या

अंकिता भंडारी वर्ष 2022 में ऋषिकेश के समीप स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में काम करती थीं। उनकी हत्या का मामला सामने आने के बाद पूरे उत्तराखंड में आक्रोश फैल गया था। इस मामले ने देशभर का ध्यान खींचा और दोषियों को सजा दिलाने की मांग उठी। पुलिस के मुताबिक, घटना के सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया था।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित की गई थी एसआईटी

मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित की गई थी एसआईटी
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित की गई थी एसआईटी

पुलिस के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया। इस टीम की अध्यक्षता डीआईजी स्तर की महिला आईपीएस अधिकारी को सौंपी गई थी। जांच दल को मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर साक्ष्य जुटाने और आरोपियों के खिलाफ मजबूत मामला तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी।

88 दिनों में जांच पूरी कर दाखिल किया आरोपपत्र

एडीजी डॉ. वी. मुरुगेशन के अनुसार, एसआईटी ने 88 दिनों के भीतर जांच पूरी कर ली थी। इस दौरान डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक और भौतिक साक्ष्य जुटाए गए। इसके अलावा गवाहों के बयान दर्ज किए गए और आरोपियों से पूछताछ की गई। फॉरेंसिक रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण करने के बाद करीब 500 पृष्ठों का आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। पुलिस ने जांच की समयसीमा और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया को मामले की कार्रवाई का अहम हिस्सा बताया है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में विभिन्न प्रकार के साक्ष्यों को एकत्र कर उनका विश्लेषण किया गया, ताकि न्यायालय के समक्ष तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।

तीनों दोषियों को सुनाई गई आजीवन कठोर कारावास की सजा

तीनों दोषियों को सुनाई गई आजीवन कठोर कारावास की सजा
तीनों दोषियों को सुनाई गई आजीवन कठोर कारावास की सजा

पुलिस के मुताबिक, 30 मई 2025 को कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराया था। अदालत ने तीनों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। पुलिस ने बताया कि तीनों दोषी वर्तमान में जेल में बंद हैं। एडीजी ने कहा कि मामले में त्वरित गिरफ्तारी, साक्ष्यों का संकलन और न्यायालय में प्रभावी पैरवी महत्वपूर्ण रही। हालांकि, मामले को लेकर उठने वाले सवालों और परिवार की मांगों के बीच घटनाक्रम लगातार सार्वजनिक चर्चा का विषय बना हुआ है।

सीबीआई जांच को लेकर भी पुलिस ने दी जानकारी

उत्तराखंड पुलिस के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की संस्तुति की थी। केंद्र की स्वीकृति के बाद इस प्रकरण में सीबीआई की जांच जारी है। पुलिस ने एसआईटी की जांच और न्यायालय में हुई कार्रवाई के साथ इस पहलू का भी उल्लेख किया है। अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है, जबकि सीबीआई जांच का पहलू भी चर्चा में है। मामले में पुलिस की कार्रवाई और परिवार की मांगों को लेकर आगे होने वाले घटनाक्रम पर सबकी नजर बनी हुई है।

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