Uttarakhand News: उत्तराखंड के सीएम धामी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कई जगह दौरा कर रहे हैं, साथ ही लोगों की समस्याएं भी सुन रहे हैँ। इसी बीच 6 अक्टूबर को देहरादून में सीएम ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों के साथ संवाद किया। इसके साथ ही राज्य के अलग-अलग हिस्सों में खासकर दूरस्थ और पर्वतीय इलाकों से पहुंचे लोगों ने सीएम के सामने अपने इलाके की विकास संबंधी जरूरतों और समस्याओं को रखा। मुख्यमंत्री ने लोगों की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के जल्द समाधान के निर्देश दिए।
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टिहरी से उत्तरकाशी तक पहुंचे लोग
आपको बता दें कि, इस संवाद कार्यक्रम में टिहरी, देहरादून, उत्तरकाशी, चकरात और कालसी सहित कई इलाकों से लोग पहुंचे। लोगों ने अपने-अपने इलाकों से जुड़े अलग-अलग विकास कार्यों और सुविधाओं की जरूरतों को सीएम के सामने रखा। इस तरह के सीधे संवाद का उद्देश्य दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना और उनके समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से प्राप्त शिकायतों और मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
विकास की मुख्यधारा से हर व्यक्ति को जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि सरकार समेकित और समावेशी विकास के उद्देश्य के साथ काम कर रही है, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और विकास का लाभ पहुंच सके।सीएम धामी ने सामाजिक न्याय और समानता से जुड़े बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार इन विचारों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है।
दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार ने बजट में विशेष प्रावधान किए हैं। पर्वतीय और दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों तक बुनियादी सुविधाएं और विकास योजनाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में कई गांव और क्षेत्र भौगोलिक रूप से कठिन परिस्थितियों में स्थित हैं। ऐसे में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण रहते हैं। संवाद के दौरान भी विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा।
अधिकारियों को समाधान के निर्देश
मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याएं सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के लिए निर्देश दिए। सरकार की ओर से जनसमस्याओं को सीधे सुनने और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई कराने की प्रक्रिया को महत्वपूर्ण बताया गया है। सीएम धामी ने कहा कि राज्य के विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के साथ लगातार संवाद और उनकी आवश्यकताओं के अनुसार समाधान की दिशा में काम करने पर जोर दिया।
समावेशी विकास पर सरकार का फोकस

एससी-एसटी समुदाय के लोगों के साथ मुख्यमंत्री का यह संवाद उत्तराखंड में समावेशी विकास और सामाजिक भागीदारी के मुद्दे से भी जुड़ा है। सरकार का जोर ऐसे क्षेत्रों और समुदायों की समस्याओं को सामने लाने पर है, जो भौगोलिक या सामाजिक कारणों से विकास की मुख्यधारा से अपेक्षाकृत दूर रह सकते हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य के हर क्षेत्र और हर वर्ग को साथ लेकर विकास की दिशा में आगे बढ़ना सरकार की प्राथमिकता है।
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