Uttarakhand Weather: पहाड़ों पर आफत की बारिश! 25 सड़कें बंद, हाईवे पर लगा जाम, बढ़ा पेयजल संकट

उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते पहाड़ी जिलों में जनजीवन प्रभावित है। पिथौरागढ़ में टनकपुर-तवाघाट हाईवे मलबे के कारण बंद है, जबकि नैनीताल, बागेश्वर और उत्तरकाशी में कई सड़कें बाधित हैं। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर भी यातायात ठप है। भूस्खलन, बढ़ते नदी जलस्तर और पेयजल संकट के बीच प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है।

Uttarakhand Weather

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 18, 2026

Uttarakhand Weather: उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बारिश के साथ कई जगह भूस्खलन और पहाड़ियों से मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके चलते राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ-साथ कई संपर्क और ग्रामीण मोटर मार्ग भी बंद हो गए हैं। कई इलाकों का जिला मुख्यालयों से संपर्क प्रभावित हुआ है, जबकि लोगों को यातायात और पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

पिथौरागढ़ में भारी बारिश, टनकपुर-तवाघाट हाईवे बंद

बताते चले कि, पिथौरागढ़ जिले में रात से जारी मूसलाधार बारिश के कारण टनकपुर-तवाघाट हाईवे पर यातायात बाधित हो गया है। अस्कोट से जौलजीबी के बीच बगड़ीहाट के पास सड़क पर भारी मलबा आ जाने से मार्ग बंद हो गया। सड़क बंद होने के कारण एंबुलेंस समेत कई वाहन रास्ते में फंस गए। इससे धारचूला, बंगापानी और डीडीहाट तहसील के कई इलाकों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है।

पिथौरागढ़ में 25 मोटर मार्ग प्रभावित

आपको बता दे कि, बारिश और भूस्खलन का असर जिले के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिला है। पिथौरागढ़ में करीब 25 मोटर मार्ग प्रभावित बताए जा रहे हैं। वहीं मुनस्यारी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बाधित होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। लगातार बारिश के कारण सड़क और पेयजल व्यवस्था को सामान्य करने में प्रशासन और संबंधित विभागों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

नैनीताल में बारिश का असर

नैनीताल जिले में भी लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। जिले में एक दर्जन से अधिक सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिससे कई क्षेत्रों में आवाजाही बाधित है। वहीं नैनीताल झील का जलस्तर बढ़कर 87 फीट के पार पहुंच गया है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

गंदे पानी की सप्लाई से बढ़ी परेशानी

बागेश्वर जिले में भी भारी बारिश के कारण करीब 21 मार्ग बाधित हुए हैं। बारिश के चलते सरयू और गोमती नदियों में सिल्ट बढ़ गई है, जिसका सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ा है। कई इलाकों में नलों से गंदा पानी आने की शिकायत सामने आई है। इससे लोगों को साफ पेयजल के लिए अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।

ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर मलबा गिरा

ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कौड़ियाला और व्यासी के बीच पहाड़ी से भारी मलबा गिरने के कारण सड़क पर यातायात पूरी तरह बंद हो गया। मार्ग बंद होने के बाद हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों और वाहन चालकों को मार्ग खुलने का इंतजार करना पड़ रहा है।

कोटद्वार-दुगड्डा मार्ग पर भी मलबा, कई संपर्क सड़कें बंद

कोटद्वार और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। कोटद्वार-दुगड्डा मार्ग पर मलबा और पत्थर आने से यातायात प्रभावित हुआ है। इसके अलावा कई संपर्क मार्गों पर भी आवाजाही बंद हो गई है। बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में सड़क व्यवस्था लगातार चुनौती बनी हुई है।

उत्तरकाशी में ग्रामीण मोटर मार्ग भूस्खलन से बाधित

उत्तरकाशी में जिला मुख्यालय समेत सभी तहसील क्षेत्रों में मौसम खराब बना हुआ है और आसमान में बादल छाए हुए हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर फिलहाल यातायात सुचारू बताया जा रहा है, लेकिन जिले के 10 ग्रामीण मोटर मार्ग भूस्खलन के कारण बाधित हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हुई है।

चारधाम यात्रा का बाइपास मार्ग दूसरे दिन भी नहीं खुला

चारधाम यात्रा के लिहाज से अहम तेखला-मनेरा-बड़ेथी बाइपास मार्ग भी दूसरे दिन नहीं खुल सका है। मार्ग बंद होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से बंद सड़कों को खोलने और यातायात व्यवस्था बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी

उत्तराखंड में लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। भूस्खलन और सड़क बंद होने की आशंका को देखते हुए यात्रियों से मौसम और स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी जा रही है। आने वाले समय में बारिश का असर सड़क, यातायात और पेयजल व्यवस्था पर कितना पड़ता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।