Uttarakhand News: उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर क्षेत्र में अंधड़, बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। हालात का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर खेतों में फसलों की स्थिति देखी और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
Uttarakhand BJP: 12 साल बाद कुमाऊं को राज्यसभा में मिलेगी जगह,
ओलावृष्टि की जानकारी मिलते ही बाजपुर पहुंचे सीएम धामी
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे बाजपुर क्षेत्र में तेज अंधड़, बारिश और ओलावृष्टि हुई। इससे धान और गन्ने की फसलों के साथ अमरूद की बागवानी को भी नुकसान पहुंचा। उस समय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी से देहरादून लौट रहे थे। जैसे ही उन्हें मौसम की मार से फसलों को नुकसान होने की जानकारी मिली, उन्होंने खराब मौसम के बावजूद अपना हेलीकॉप्टर बाजपुर की ओर मोड़ने का फैसला लिया।
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले हेलीकॉप्टर से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके जरिए उन्होंने खेतों और कृषि भूमि में हुए नुकसान की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उनका हेलीकॉप्टर बाजपुर स्थित रिवरडेल स्कूल परिसर में उतरा, जहां प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और किसानों की मौजूदगी रही।
खेतों में पहुंचकर किसानों से किया संवाद
हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री धामी प्रभावित खेतों में पहुंचे और फसलों की स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से बातचीत कर नुकसान की जानकारी ली और उनकी परेशानियों को सुना। किसानों ने मौसम की मार से प्रभावित फसलों और खेती से जुड़ी समस्याओं के बारे में मुख्यमंत्री को बताया। मौके पर मौजूद एसडीएम ऋचा सिंह ने भी मुख्यमंत्री को क्षेत्र में फसलों को हुए नुकसान की जानकारी दी। प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन करने और आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा की गई।
किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए सर्वे के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए संयुक्त टीम गठित की जाए। उन्होंने कहा कि सर्वे का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और इसकी रिपोर्ट जल्द शासन को भेजी जाए, ताकि प्रभावित किसानों को राहत देने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि नुकसान के आकलन से लेकर सहायता राशि के वितरण तक किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को समय पर मदद मिल सके।
आपदा की घड़ी में किसानों के साथ खड़ी है सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। किसानों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का प्रयास किया जाएगा। अंधड़, बारिश और ओलावृष्टि से धान, गन्ने और अमरूद की फसलों को हुए नुकसान के बाद अब प्रशासन की जिम्मेदारी प्रभावित क्षेत्रों का सही आकलन करने और राहत प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की है। किसानों को उम्मीद है कि नुकसान का सर्वे जल्द पूरा होगा और उन्हें नियमानुसार सहायता मिलेगी।
नुकसान के आकलन पर टिकी किसानों की नजर
बाजपुर क्षेत्र में मौसम की मार से प्रभावित किसानों के लिए आने वाले दिन अहम हैं। संयुक्त टीम के सर्वे के बाद ही नुकसान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसके आधार पर आगे राहत और मुआवजे से जुड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के मौके पर पहुंचने और अधिकारियों को तत्काल निर्देश देने से प्रभावित किसानों को सहायता मिलने की उम्मीद बढ़ी है। अब किसानों की नजर सर्वे रिपोर्ट, नुकसान के आकलन और राहत वितरण की प्रक्रिया पर रहेगी।










