Uttarakhand BJP: 12 साल बाद कुमाऊं को राज्यसभा में मिलेगी जगह, दिनेश आर्य के निर्विरोध निर्वाचन पर नजर

उत्तराखंड की राजनीति में दिनेश आर्य का नाम चर्चा में है। बीजेपी के राज्यसभा प्रत्याशी के निर्विरोध निर्वाचित होने की संभावना के बीच कुमाऊं को करीब 12 साल बाद प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ काम कर चुके दिनेश आर्य की राज्यसभा एंट्री से प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों पर सबकी नजर है।

12 साल बाद कुमाऊं को राज्यसभा में मिलेगी जगह

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 9, 2026

Uttarakhand BJP: उत्तराखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा के लिए अहम घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी के प्रत्याशी दिनेश आर्य शुक्रवार को निर्विरोध निर्वाचित होंगे। उनके मुकाबले किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। ऐसे में उनके निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया है। शुक्रवार को नाम वापसी की निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बाद चुनाव आयोग की टीम उनके निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा करेगी। इस घटनाक्रम के साथ ही दिनेश आर्य का नाम उत्तराखंड से राज्यसभा पहुंचने वाले प्रतिनिधियों में शामिल हो जाएगा।

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करीब 12 साल बाद कुमाऊं क्षेत्र को मिलेगा प्रतिनिधित्व

करीब 12 साल बाद कुमाऊं क्षेत्र को मिलेगा प्रतिनिधित्व
करीब 12 साल बाद कुमाऊं क्षेत्र को मिलेगा प्रतिनिधित्व

दिनेश आर्य का राज्यसभा पहुंचना कुमाऊं क्षेत्र के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भगत सिंह कोश्यारी के बाद करीब 12 साल के अंतराल पर कुमाऊं क्षेत्र से किसी नेता को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व मिलने जा रहा है। इस वजह से उनके निर्वाचन को क्षेत्रीय राजनीति में अहम माना जा रहा है। राज्यसभा में प्रतिनिधित्व मिलने से कुमाऊं क्षेत्र की राजनीतिक मौजूदगी को लेकर भी चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने में उनकी भूमिका कैसी रहेगी, यह आगे देखने वाली बात होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ काम कर चुके हैं दिनेश आर्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ काम कर चुके हैं दिनेश आर्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ काम कर चुके हैं दिनेश आर्य

दिनेश आर्य इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनसंपर्क अधिकारी यानी पीआरओ के रूप में काम कर चुके हैं। इस भूमिका में उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाईं। संगठन और सरकार से जुड़े अनुभव को उनके राजनीतिक सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। अब राज्यसभा के लिए उनका निर्विरोध चुना जाना उनके राजनीतिक करियर में एक नया पड़ाव होगा। इस घटनाक्रम से उत्तराखंड भाजपा में उनकी भूमिका को लेकर भी चर्चा हो रही है।

नैनीताल विधानसभा सीट से भी कर चुके हैं दावेदारी

दिनेश आर्य ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में नैनीताल सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की दावेदारी पेश की थी। हालांकि, पार्टी ने इस सीट से सरिता आर्य को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद दिनेश आर्य ने नाराजगी जताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय टिकट वितरण को लेकर पार्टी के भीतर असहमति की स्थिति बनी थी। बाद में बातचीत और मान-मनौव्वल के जरिए मामला संभाला गया तथा उन्हें सरकार में जिम्मेदारी सौंपी गई।

भाजपा के राजनीतिक समीकरणों में अहम घटनाक्रम

दिनेश आर्य का निर्विरोध राज्यसभा निर्वाचन उत्तराखंड भाजपा की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद उन्हें सरकार में जिम्मेदारी दी गई और अब वह राज्यसभा पहुंचने जा रहे हैं। इससे उनके राजनीतिक सफर को नया आयाम मिलेगा। साथ ही, कुमाऊं क्षेत्र को लंबे समय बाद राज्यसभा में प्रतिनिधित्व मिलने की बात भी इस घटनाक्रम को खास बनाती है। अब औपचारिक निर्वाचन घोषणा के बाद सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि दिनेश आर्य राज्यसभा में उत्तराखंड, विशेषकर कुमाऊं क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को किस तरह उठाते हैं।

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