Uttarakhand News: सुबह 11 बजे मोबाइल और सायरन बजेंगे, भूकंप नहीं मॉक ड्रिल

उत्तराखंड में सुबह 11 बजे सायरन बजने और मोबाइल पर तेज अलर्ट आने से लोग चौंक सकते हैं। लेकिन यह भूकंप आने का संकेत नहीं, बल्कि भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली की टेस्टिंग है। भूदेव ऐप पर भी मैसेज और बीप सुनाई देगी। जानिए विभाग ने लोगों से क्या अपील की है।

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Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 9, 2026

Uttarakhand News : उत्तराखंड के लोगों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। आज शुक्रवार सुबह ठीक 11 बजे राज्य के कई इलाकों में लगे सायरन बजेंगे और मोबाइल फोन पर भी तेज अलर्ट सुनाई दे सकता है। हालांकि, लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, यह किसी वास्तविक भूकंप की चेतावनी नहीं, बल्कि राज्य की भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली का निर्धारित परीक्षण है। इसका उद्देश्य लोगों को आपातकालीन अलर्ट से परिचित कराना और तकनीकी व्यवस्था की कार्यक्षमता जांचना है।

हर महीने की 9 तारीख को होगी सिस्टम की टेस्टिंग

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के निर्देशों के बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने हर महीने की 9 तारीख को सुबह 11 बजे भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली का परीक्षण करने का निर्णय लिया है। इस दौरान सायरन, सेंसर और मोबाइल अलर्ट की व्यवस्था की जांच की जाएगी। नियमित परीक्षण से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि आपदा की स्थिति में चेतावनी लोगों तक समय पर पहुंच सकती है या नहीं। यह प्रक्रिया राज्य की आपदा तैयारी को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सायरन की आवाज से परिचित कराना है मुख्य उद्देश्य

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, इस मॉक ड्रिल का प्रमुख उद्देश्य लोगों को सायरन की आवाज और उसकी टोन से परिचित कराना है। वास्तविक भूकंप आने पर अचानक तेज आवाज सुनकर लोग घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क होकर सुरक्षित स्थान पर जाने जैसे जरूरी कदम उठा सकें। इसके साथ ही विभाग यह भी जांचेगा कि राज्य में स्थापित सायरन और सेंसर ठीक ढंग से काम कर रहे हैं या नहीं। किसी भी स्थान पर तकनीकी खराबी मिलने पर उसे दुरुस्त कराया जाएगा।

भूदेव ऐप पर मिलेगा टेस्ट मैसेज और तेज बीप की आवाज

सायरन के साथ उत्तराखंड सरकार के भूदेव मोबाइल ऐप पर भी परीक्षण संबंधी चेतावनी भेजी जाएगी। ऐप इस्तेमाल करने वालों के मोबाइल में टेस्ट मैसेज, वाइब्रेशन और बीप-बीप की तेज आवाज आ सकती है। विभाग के मुताबिक, कुछ उपभोक्ताओं को पहले ही इस परीक्षण की सूचना मिल चुकी है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने स्मार्टफोन में भूदेव ऐप का अपडेटेड संस्करण रखें। साथ ही, ऐप को आवश्यक लोकेशन एक्सेस की अनुमति दें, ताकि वास्तविक आपदा के समय सही जगह पर अलर्ट पहुंचाने में मदद मिल सके।

राज्य में 169 सेंसर और 112 सायरन लगाए गए

उत्तराखंड में भूकंप पूर्व चेतावनी के लिए विशेष तकनीकी नेटवर्क स्थापित किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राज्य में फिलहाल 169 सेंसर और 112 सायरन लगाए गए हैं। भविष्य में इस नेटवर्क का विस्तार कर इनकी संख्या दोगुनी करने की योजना है। नए सेंसर और सायरन लगभग 5 से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थापित किए जाने की तैयारी है। इस कार्य को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और आईआईटी रुड़की के सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है।

अफवाहों से बचें, अलर्ट को समझकर रहें सतर्क

आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि परीक्षण के दौरान सायरन या मोबाइल अलर्ट मिलने पर अफवाह न फैलाएं। यह एक पूर्व निर्धारित तकनीकी अभ्यास है, जिसका मकसद लोगों को जागरूक करना और आपदा के समय बेहतर तैयारी सुनिश्चित करना है। नागरिकों को आधिकारिक सूचना पर भरोसा करना चाहिए और वास्तविक आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। नियमित परीक्षण से चेतावनी प्रणाली की कमियों की पहचान करने और लोगों को पहले से तैयार रखने में मदद मिल सकती है।

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